इंद्रपुरी बराज समझौते से गया-औरंगाबाद को बड़ा फायदा, सालभर लबालब रहेगी फल्गु; CM बोले- खेतों तक पहुंचेगा सोन का पानी
बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी जल बंटवारे समझौते से गया और औरंगाबाद के किसानों को सिंचाई के लिए ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार
HighLights
सोन नदी जल बंटवारे से गया-औरंगाबाद किसानों को लाभ।
फल्गु नदी में सालभर पानी के लिए सोन-फल्गु लिंक।
विष्णुपद कॉरिडोर और बोधगया में औद्योगिक निवेश की योजना।
जागरण संवाददाता, गयाजी। बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर हुए समझौते के बाद गयाजी और औरंगाबाद के किसानों के लिए पानी की उम्मीद मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पितृपक्ष मेला के उद्घाटन समारोह में कहा कि इंद्रपुरी बराज से मिलने वाले पानी का लाभ इन जिलों को मिलेगा।
सोन नदी जल समझौते के तहत बिहार के लिए 5.75 मिलियन एकड़ फीट और झारखंड के लिए 2 मिलियन एकड़ फीट पानी का आवंटन तय हुआ है।
फल्गु को सालभर पानी देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार पहले ही फतुहा से पानी लाने की दिशा में काम कर रही है।
इसके साथ सोन-फल्गु नदी लिंक योजना को भी मंजूरी दी गई है। सितंबर में राज्य कैबिनेट ने करीब 996 करोड़ रुपये की सोन-फल्गु लिंक योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।
योजना में इंद्रपुरी बराज से लगभग 23 किलोमीटर ऊपर इंटेक वेल और करीब 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने का प्रावधान है।
खेतों तक पहुंचेगा पानी, बढ़ेगी सिंचाई सुविधा
सोन नदी के पानी के समझौते से बिहार के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक गया और औरंगाबाद के साथ भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, अरवल और पटना भी इससे लाभान्वित होने वाले जिलों में शामिल हैं। ऐसे में गयाजी और आसपास के कृषि क्षेत्र के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पितृपक्ष में गयाजी को लेकर सीएम का बड़ा संदेश
पितृपक्ष मेला के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से आने वाले पिंडदानियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने गयाजी के लोगों से भी पिंडदानियों की सेवा और सत्कार करने की अपील की। इससे पहले उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर बिहार के सुख, शांति और विकास की कामना की।
विष्णुपद कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने गयाजी के विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। राज्य कैबिनेट पहले ही विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2520 करोड़ रुपये और सोन-फल्गु लिंक योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुकी है। वहीं, मुख्यमंत्री ने बोधगया में अक्टूबर में बड़े निवेश और औद्योगिक विकास की बात भी कही।
पानी, पर्यटन और उद्योग से बदलेगी गयाजी की तस्वीर
इंद्रपुरी समझौते, सोन-फल्गु लिंक और विष्णुपद क्षेत्र के विकास जैसी योजनाओं को एक साथ देखें तो गयाजी के लिए जल, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास तीनों मोर्चों पर बड़े बदलाव की योजना सामने आती है।
अब इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसानों और आम लोगों तक इनका लाभ किस गति से पहुंचता है।
