गया । हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को विष्णुपद मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर के प्रागंण में अपने पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदान किया। तत्पश्चात बोधगया पहुंचकर भगवान बुद्ध को नमन किया।

राज्यपाल एयरपोर्ट से सीधे विष्णुपद पहुंचे, जहां फल्गु के पवित्र जल से तर्पण किया। उसके बाद हनुमान मंदिर के प्रागंण में बैठक कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कर्मकांड की विधि संपन्न कराई। पिंडदान की विधि गयापाल पुरोहित अमरनाथ धोकड़ी द्वारा कराई गई। श्राद्धकर्म विधि संपन्न होने के बाद राज्यपाल ने पिंड को भगवान श्रीहरि विष्णु का चरणचिह्न पर अर्पित किए। अमरनाथ धोकड़ी ने कहा कि राज्यपाल के साथ उनकी पत्नी बनीता दत्तात्रेय ने भी कर्मकांड किया। विष्णु चरण में पिंड अर्पित करने के क्रम में राज्यपाल ने कहा कि पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए पिंडदान किया।

राज्यपाल के आगमन को लेकर पूरे विष्णुपद मंदिर परिसर में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रत्येक तीर्थयात्रियों को गहन जांच के बाद मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी।

वहीं, दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा में राज्यपाल बोधगया पहुंचे। महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति की ओर से सचिव एन. दोरजे ने उनकी आगवानी की। राज्यपाल अपनी पत्‍‌नी संग मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष धम्मदीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की। उन्हें पूजा-अर्चना भिक्षु प्रभारी भंते चालिंदा ने कराई। उसके बाद पवित्र बोधिवृक्ष को नमन कर पुष्प अर्पित किए। साधना उद्यान जाकर शांति घंटा बजाया। उन्होंने समिति के अतिथि पंजी में अंकित किया कि मोक्ष व ज्ञान की भूमि पर आकर पिंडदान व दर्शन करने से सुखद अनुभूति और शांति मिली। राज्यपाल को मंदिर समिति की ओर से सचिव ने प्रतीक चिह्न, खादा व कॉफी टेबल बुक दिया।

Posted By: Jagran

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