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रूस में गयाजी के जमीं खान का जलवा, 732 रन से दिलाया खिताब; रशियन प्रीमियर लीग में मास्को वारियर्स बनी चैंपियन

Published: Wed, 02 Sep 2026 03:55 PM (IST)

गयाजी के जमीं खान ने रशियन प्रीमियर लीग में मास्को वारियर्स को 732 रन बनाकर खिताब जिताया और प्लेयर ऑफ ...और पढ़ें

जमीं खान

जमीं खान

HighLights

  1. जमीं खान ने रशियन प्रीमियर लीग में 732 रन बनाए।

  2. मास्को वारियर्स ने जमीं खान की बदौलत खिताब जीता।

  3. गयाजी के जमीं खान प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने।

जागरण संवाददाता, गयाजी। जिले के आमस प्रखंड के सिहुली गांव से निकलकर रूस के क्रिकेट मैदान तक पहुंचे जमीं खान ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए गयाजी और बिहार का नाम रोशन किया है। रशियन प्रीमियर लीग में मास्को वारियर्स की ओर से खेलते हुए जमीं खान ने 15 मैचों में 732 रन बनाकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर मास्को वारियर्स ने रशियन प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जमीं खान को प्लेयर आफ द टूर्नामेंट चुना गया। टीम की खिताबी सफलता में उनकी बल्लेबाजी की अहम भूमिका रही।

15 मैचों में बनाए 732 रन

रशियन प्रीमियर लीग में जमीं खान का बल्ला पूरे टूर्नामेंट में खूब चला। 15 मुकाबलों में 732 रन बनाकर उन्होंने अपनी टीम के लिए लगातार रन जुटाए। महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनके प्रदर्शन का टीम को सीधा फायदा मिला।

बल्लेबाजी में निरंतरता के कारण वह पूरे टूर्नामेंट में आकर्षण का केंद्र बने रहे। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। मास्को वारियर्स के चैंपियन बनने में जमीं खान की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टीम की ट्रॉफी के साथ व्यक्तिगत सम्मान

मास्को वारियर्स के खिताब जीतने के साथ जमीं खान की व्यक्तिगत उपलब्धि ने इस सफलता को और खास बना दिया। एक ओर टीम ने ट्रॉफी अपने नाम की, वहीं दूसरी ओर जमीं खान ने व्यक्तिगत तौर पर टूर्नामेंट का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया।

उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन ने टीम को कई अहम मुकाबलों में मजबूती दी। 15 मैचों में 732 रन का आंकड़ा उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और प्रभाव को दर्शाता है।

गयाजी से रूस तक तय किया क्रिकेट का सफर

जमीं खान के क्रिकेट सफर की शुरुआत गयाजी की स्थानीय क्रिकेट से हुई। उन्होंने गया जिला क्रिकेट टीम के अलावा राइजिंग स्टार क्रिकेट क्लब, मिर्जा गालिब कालेज, गया और मगध विश्वविद्यालय की टीमों का प्रतिनिधित्व किया।

स्थानीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन और मेहनत के बाद उन्हें रूस में क्रिकेट खेलने का अवसर मिला। सिहुली गांव निवासी जमीं खान, स्वर्गीय उस्मान खान के पुत्र हैं। सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट के प्रति जुनून और निरंतर अभ्यास के सहारे उन्होंने अपने खेल को आगे बढ़ाया।

स्थानीय क्रिकेट में खुशी का माहौल

रूस जैसे देश में क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा साबित करना जमीं खान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से गया के क्रिकेट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों में खुशी है।

उनके पुराने क्रिकेट क्लब राइजिंग स्टार क्रिकेट क्लब की टीम ने भी जमीं खान को शानदार उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। जमीं खान की सफलता स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।

गांव से रूस तक प्रतिभा ने बनाई पहचान

सिहुली जैसे गांव से निकलकर रूस की लीग में 15 मैचों में 732 रन बनाना और प्लेयर आफ द टूर्नामेंट बनना बताता है कि प्रतिभा को अवसर मिलने पर वह किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।

गयाजी के क्रिकेट जगत में जमीं खान की यह उपलब्धि लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनकी सफलता ने स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए भी नई उम्मीद जगाई है।