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गयाजी में पितृपक्ष की तैयारी पर सवाल, देवघाट की फिसलन और गोदावरी का हरा पानी बढ़ाएगा पिंडदानियों की परेशानी

Published: Thu, 10 Sep 2026 04:48 PM (IST)

गयाजी में पितृपक्ष महासंगम की तैयारियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। देवघाट पर फिसलन भरी सीढ़ियां और गोदावरी सरोवर ...और पढ़ें

देवघाट की सीढ़ियों पर काई

देवघाट की सीढ़ियों पर काई

जागरण संवाददाता, गयाजी। गयाजी में पितृपक्ष महासंगम शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी गयाजी पहुंचेंगे।

पितरों की मोक्ष की कामना लेकर श्रद्धालु अलग-अलग वेदियों पर पिंडदान, तर्पण और कर्मकांड करेंगे। जिला प्रशासन और नगर निगम तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन कुछ जरूरी व्यवस्थाएं अब भी चिंता बढ़ा रही हैं।

इनमें देवघाट का फल्गु तट और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण गोदावरी सरोवर प्रमुख हैं। एक जगह फिसलन तो दूसरी जगह पानी की बदहाल स्थिति पिंडदानियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

देवघाट की सीढ़ियों पर काई, जरा सी चूक और बढ़ सकती है मुश्किल

फल्गु तट के देवघाट पर नदी में उतरने वाली सीढ़ियों पर लंबे समय से काई जमी हुई है। इसके कारण सीढ़ियां बेहद फिसलन भरी हो गई हैं।

पिंडदान और तर्पण के लिए नदी तक जाने वाले श्रद्धालुओं को संभलकर उतरना पड़ रहा है। पितृपक्ष में यहां भीड़ कई गुना बढ़ने वाली है, ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ जाती है।

सीढ़ियों के नीचे फल्गु नदी में गाद भी जमा है। इससे स्नान और तर्पण करने वाले पिंडदानियों को परेशानी हो सकती है।

पिंडदानी बोले- अभी नहीं चेते तो भीड़ में बढ़ेगा खतरा

दरभंगा से कर्मकांड के लिए पहुंचे सुमन झा ने देवघाट की स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सीढ़ियों पर काई के कारण काफी फिसलन है और स्नान-तर्पण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।

उनके मुताबिक पितृपक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, इसलिए उससे पहले सीढ़ियों की पूरी तरह सफाई जरूरी है।

यानी पितृपक्ष शुरू होने से पहले देवघाट की सफाई सिर्फ व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से भी जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है।

गोदावरी सरोवर का पानी हरा, सफाई के बावजूद चिंता बरकरार

गयाजी की 54 प्रमुख वेदियों में गोदावरी सरोवर का भी विशेष महत्व है। पितृपक्ष में बड़ी संख्या में पिंडदानी यहां पहुंचकर तर्पण और पिंडदान करते हैं।

फिलहाल सरोवर का पानी हरा नजर आ रहा है। पानी की स्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में चिंता है। नगर निगम की ओर से सफाई कराई जा रही है, लेकिन पानी के प्रदूषण को दूर करने के लिए ठोस कदम की जरूरत बताई जा रही है।

धार्मिक महत्व वाले इस सरोवर का पानी स्वच्छ और उपयोग योग्य रहना पितृपक्ष की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पुनपुन के बाद गोदावरी भी अहम, इसलिए सफाई जरूरी

गयापाल पुरोहित महेश लाल गुपुत के अनुसार गोदावरी सरोवर और पुनपुन तट का पिंडदान में विशेष महत्व है। त्रिपाक्षिक श्राद्ध करने वाले कई पिंडदानी पहले दिन पुनपुन में कर्मकांड नहीं कर पाते, ऐसे में गोदावरी सरोवर पर पिंडदान करते हैं।

धार्मिक मान्यता के कारण पितृपक्ष में यहां भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। वहीं देवघाट पर पूरे पितृपक्ष में पिंडदानियों की आवाजाही बनी रहती है।

ऐसे में पितृपक्ष शुरू होने से पहले देवघाट की फिसलन और गोदावरी के प्रदूषित पानी पर प्रशासन का ध्यान जाना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु बिना परेशानी अपने पितरों का कर्मकांड पूरा कर सकें।

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