गया में पुराने कुएं में जहरीली गैस की आशंका, 4 ग्रामीण फंसे; रेस्क्यू में जवान भी बेहोश
गया के डोभी थाना क्षेत्र के करमौनी गढ़ गांव में एक पुराने कुएं में जहरीली गैस की आशंका से कई ...और पढ़ें
HighLights
गया के डोभी में पुराने कुएं में जहरीली गैस।
कई ग्रामीण फंसे, दो को बाहर निकाला गया।
बचाव कार्य में अग्निशमन जवान भी बेहोश हुआ।
संवाद सूत्र, डोभी। गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के करमौनी गढ़ गांव में शुक्रवार को पुराने कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने की आशंका से अफरातफरी मच गई।
कुएं में उतरे कई ग्रामीणों के फंसे होने की सूचना है। प्रशासन ने अब तक दो लोगों को कुएं से बाहर निकाला है। लोगों का कहना है कि दो का शव निकाला गया है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कुएं में फंसे लोगों को निकालने के लिए अग्निशमन विभाग का एक जवान ऑक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरा।

(घटनास्थल पर लगी लोगों की भीड़।)
लेकिन कुछ देर बाद वह भी बेहोश होकर अंदर गिर गया। किसी तरह उसे बाहर निकाला गया और इलाज के लिए डोभी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल भेजने की तैयारी की गई।
पाइप डालने के दौरान कुएं में उतरे थे ग्रामीण
बताया जाता है कि कुएं में पाइप डालने के लिए ग्रामीण एक-एक कर अंदर उतरे थे। इसी दौरान ऑक्सीजन की कमी अथवा जहरीली गैस के कारण दम घुटने की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की जानकारी आसपास के गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्वजन मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर शेरघाटी डीएसपी राजन कुमार, बीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय को सूचना दी गई और एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है।
एसडीआरएफ के पहुंचने के बाद होगा रेस्क्यू
प्रशासन के अनुसार, कुएं में कितने लोग उतरे थे और कितने लोग अभी अंदर फंसे हैं, इसकी स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
जिला मुख्यालय में एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि डोभी के करमौनी गांव में कुछ ग्रामीणों के कुएं में फंसे होने की सूचना मिली है।
अभी तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि दो लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल भेजा जा रहा है।
एसएसपी ने कहा कि इस समय मौत की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने और रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर मौजूद स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
