जागरण संवाददाता, गया: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के सगा मौसा को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज असिताभ कुमार की अदालत ने अभियुक्त सत्यव्रत अशोक उर्फ पप्पू शर्मा को जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने पीड़िता को दो लाख रुपया जुर्माना भी सरकार को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त ने रिश्ते के साथ विश्वासघात किया है । 

दो बच्चों का पिता है मौसा

सजा के बिंदु पर विशेष लोक अभियोजक कैसर सरफुद्दीन जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता युगल किशोर प्रसाद एवं पीड़िता की ओर से मुकेश कुमार ने बहस किया । सत्यव्रत अशोक उर्फ पप्पू शर्मा विष्णुपद थाना क्षेत्र के बंगाली आश्रम मोहल्ले का रहने वाला है। वह पहले से ही शादीशुदा है एवं दो बच्चों का पिता भी है । मामले में विशेष लोक अभियोजक कैसर सरफुद्दीन व कमलेश कुमार सिन्हा ने बहस किया । 

शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म 

अभियुक्त 2015 से शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ कई स्थानों पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता रहा । बाद में वह शादी करने से इनकार कर दिया था। शादी से इनकार करने के पश्चात पीड़िता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी । अभियुक्त ने पीड़िता के साथ बाद में शादी भी कर लिया था । मामले में पीड़िता के परिजन सहित अभियोजन पक्ष से छह लोगों की गवाही हुई । मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 356/ 2018 से जुड़ा है ।

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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