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1 अप्रैल से महंगा होगा रेल सफर! गया से पटना समेत इन रूटों पर क‍ितना बढ़ सकता है किराया?

Published: Sun, 29 Mar 2026 05:39 PM (GMT+05:30)

गया जंक्शन से चलने वाली मेमू, लोकल और पैसेंजर ट्रेनों का किराया 1 अप्रैल से 10-15% तक बढ़ सकता है। ...और पढ़ें

मेमू और पैसेंजर का बढ़ सकता है क‍िराया।

मेमू और पैसेंजर का बढ़ सकता है क‍िराया।

HighLights

  1. 1 अप्रैल से रेल किराए में 10-15% बढ़ोतरी संभव।

  2. दैनिक यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों पर सीधा असर।

  3. बढ़ती परिचालन लागत को रेलवे ने बताया कारण।

जागरण संवाददाता, गयाजी। महंगाई की मार झेल रहे आम रेल यात्रियों को जल्द ही एक और झटका लग सकता है। गया जंक्शन से विभिन्न रेलखंडों पर चलने वाली मेमू, लोकल और पैसेंजर ट्रेनों के किराए में 1 अप्रैल से बढ़ोतरी की तैयारी है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार किराए में औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक इजाफा किया जा सकता है, जिससे खासकर दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

गया-पटना, गया-क्यूल, गया-डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) और गया-राजगीर जैसे व्यस्त रेलखंड इस बढ़ोतरी से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

इन रूटों पर रोजाना हजारों यात्री नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के सिलसिले में सफर करते हैं। किराया बढ़ने से इनके मासिक खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। 

संभावित किराया बढ़ोतरी (सूत्रों के अनुसार)

हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित नए किराए इस प्रकार हो सकते हैं:

  • गया–पटना: 25 रुपये → 28–30 रुपये
  • गया–क्यूल: 30 रुपये → 35–37 रुपये
  • गया–डीडीयू: 45 रुपये → 50–52 रुपये
  • गया–राजगीर: 25 रुपये → 28–30 रुपये
  • न्यूनतम किराया: 10 रुपये → 12 रुपये

छोटे स्टेशनों के यात्रियों पर भी असर

किराया वृद्धि का प्रभाव केवल लंबी दूरी तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को भी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

न्यूनतम किराया 10 से बढ़ाकर 12 रुपये किए जाने की संभावना है, जो ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकता है।

दैनिक यात्रियों में बढ़ी चिंता

किराया बढ़ने की खबर से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। गया से पटना आने-जाने वाले यात्रियों का कहना है कि पहले ही महंगाई से बजट बिगड़ा हुआ है। 

ऐसे में किराया बढ़ने से बचत करना मुश्किल हो जाएगा। यात्रियों ने रेलवे से आम लोगों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।

वहीं, रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि बढ़ती परिचालन लागत, बिजली खर्च और रखरखाव पर बढ़ते व्यय को देखते हुए किराया संशोधन आवश्यक हो गया है। उनके अनुसार बेहतर सेवाएं और सुविधाएं बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल रेलवे की ओर से नई दरों को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। लेकिन तैयारियों की रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ किराया लागू किया जा सकता है।

ऐसे में अब सभी की नजर रेलवे की अंतिम घोषणा पर टिकी है, जो लाखों यात्रियों के बजट को प्रभावित करेगी।