गया के टनकुप्पा स्टेशन पर बनेगा रेलवे अंडरपास, रेल पटरी पार करने के जोखिम से मिलेगी राहत
गया के टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर रेल लाइन पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ...और पढ़ें

जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं लोग। जागरण
HighLights
टनकुप्पा स्टेशन पर रेलवे अंडरपास निर्माण को मिली स्वीकृति।
रेल पटरी पार करने के जोखिम से मिलेगी यात्रियों को राहत।
परियोजना 30 जून 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य।
संवाद सूत्र, फतेहपुर (गया)। टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर रेल लाइन पार करने के दौरान होने वाली परेशानी और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में रेलवे ने पहल की है।
स्टेशन की सीमा में लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) यानी रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। रेलवे की कार्य प्रगति रिपोर्ट के अनुसार निर्माण कार्य को स्वीकृति मिल गई है और निविदा आवंटित कर दी गई है।
इसे 30 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंडरपास निर्माण की दिशा में हुई इस प्रगति को रेल यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय लोगों की लंबे समय से उठ रही मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
अभियान और खबरों के बाद रेलवे ने दिखाई गंभीरता
टनकुप्पा, बंधुआ और पहाड़पुर रेलवे स्टेशनों पर अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण की जरूरत को लेकर दैनिक जागरण लगातार मुद्दा उठाता रहा है।
इसी कड़ी में 17 से 20 सितंबर तक अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर अभियान चलाया गया था। रेल लाइन पार करने में होने वाली परेशानियों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया गया।
इसके पूर्व भी इन तीनों स्टेशनों पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लेकर खबरें प्रकाशित की गई थीं। अब दैनिक जागरण के अभियान का सकारात्मक असर दिख रहा है।
रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक, टनकुप्पा स्टेशन के किलोमीटर संख्या 449/5-7 के बीच एलएचएस अथवा रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है।
कार्य की व्यवहार्यता को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की जिम्मेदारी ओपन लाइन एजेंसी को दी गई है। निर्माण पूरा होने पर लोगों को रेल पटरी पार करने के लिए जोखिम भरा रास्ता अपनाने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दो जोड़ी ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव मुख्यालय में
टनकुप्पा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग के तहत ट्रेन संख्या 63383/84 और 13233/34 के ठहराव का प्रस्ताव भी पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय भेजा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव चार जुलाई 2026 को भेजा गया था। हालांकि दोनों जोड़ी ट्रेनों के ठहराव पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
गया-धनबाद ग्रैंड कार्ड रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह गया सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने बताया कि धनबाद के डीआरएम ने अंडरपास निर्माण की दिशा में कार्य होने की जानकारी दी है।
वहीं ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। अब यात्रियों को निर्माण कार्य शुरू होने और ट्रेनों के ठहराव पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।
