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आधार नहीं तो APAAR ID नहीं, जानिए क्या है अपार आईडी और क्यों बच्चों पर मंडरा रहा सरकारी योजनाओं से वंचित होने का खतरा

Published: Thu, 04 Jun 2026 05:09 PM (IST)

गया जिले में 2.60 लाख छात्रों के पास आधार कार्ड न होने से उनका अपार आईडी नहीं बन पा रहा ...और पढ़ें

सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

HighLights

  1. 2.60 लाख छात्रों का आधार कार्ड अब तक नहीं बना।

  2. आधार कार्ड के बिना अपार आईडी नहीं बन पाएगी।

  3. सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने का खतरा।

जागरण संवाददाता, गयाजी। गया जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बिना आधार कार्ड के विद्यार्थियों का अपार (APAAR) आईडी नहीं बनाया जाएगा।

ऐसे में भविष्य में सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ लेने में बड़ी परेशानी हो सकती है।

2.60 लाख बच्चों का नहीं बना आधार

जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार जिले के प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नामांकित करीब 2.60 लाख बच्चों का अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है।

इसके कारण इन छात्रों का अपार आईडी कार्ड भी लंबित है। विभाग ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए स्कूलों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले समय में छात्रवृत्ति, पोशाक योजना, साइकिल योजना, मध्याह्न भोजन, पुस्तक वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं में आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य हो सकता है।

ऐसे में जिन बच्चों का आधार नहीं होगा, उन्हें इन सुविधाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।

गरीब परिवारों के बच्चों पर सबसे ज्यादा असर

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चों का आधार कार्ड अब तक नहीं बन सका है।

कहीं जरूरी दस्तावेजों की कमी है तो कहीं तकनीकी कारणों से आवेदन लंबित पड़े हैं।

प्रधानाध्यापकों को दिया गया विशेष निर्देश

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है जिनका आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है।

शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क कर आधार बनवाने के लिए जागरूक करने को कहा गया है।

पंचायत प्रतिनिधियों और विद्यालय प्रबंधन समितियों का भी सहयोग लिया जाएगा।

प्रखंड स्तर पर चल रहे आधार केंद्र

जिला प्रशासन के अनुसार सभी प्रखंडों में आधार कार्ड बनाने के लिए केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

छात्र अपने अभिभावकों के साथ वहां जाकर आधार बनवा सकते हैं। कई जगहों पर स्कूलों के माध्यम से बच्चों को सामूहिक रूप से आधार केंद्र तक ले जाने की योजना भी बनाई जा रही है।

क्या है अपार आईडी और क्यों है जरूरी?

APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) केंद्र सरकार की नई डिजिटल शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

इसके जरिए विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। स्कूल बदलने, छात्रवृत्ति प्राप्त करने और उच्च शिक्षा में यह आईडी काफी उपयोगी साबित होगी।

अभिभावकों की बढ़ी चिंता, विभाग ने की अपील

नए निर्देश के बाद अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि उन्हें आधार और अपार आईडी की अनिवार्यता की जानकारी नहीं थी।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा, लेकिन सभी विद्यार्थियों का आधार और अपार आईडी बनवाना अब बेहद जरूरी हो गया है ताकि कोई भी छात्र सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।