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गयाजी पितृपक्ष मेला में इंटर-स्टेट चोर गिरोह, 44 मोबाइल और ₹34 हजार कैश बरामद; AI की मदद से पकड़े गए 7 आरोपी

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:15 AM (IST)

गयाजी पितृपक्ष मेला में पहली बार एआई सीसीटीवी कैमरों की मदद से एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।

चोर गिरोह की जानकारी देती पुलिस। फोटो जागरण

चोर गिरोह की जानकारी देती पुलिस। फोटो जागरण

HighLights

  1. गया पितृपक्ष मेला में एआई सीसीटीवी का उपयोग।

  2. अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार।

  3. 44 मोबाइल और ₹34 हजार नकद बरामद।

जागरण संवाददाता, गयाजी। गयाजी पितृपक्ष मेला में पहली बार पुलिस प्रशासन ने ए आई सीसीटीवी कैमरे की मदद ली है। एआई सीसीटीवी कैमरे की मदद से मोबाइल गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एआई की मदद से पश्चिम बंगाल और झारखंड के मोबाइल गिरोह से जुड़े सदस्यों की गिरफ्तारी करने में सफल हासिल की है। इसे लेकर शुक्रवार को विष्णुपद थाना में वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता की।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और झारखंड का एक बहुत बड़ा गिरोह पितृपक्ष मेला में आने की सूचना मिली थी। उसके आधार पर कंट्रोल रूम से जुड़े AI सीसीटीवी कैमरे पर विशेष निगरानी करते हुए गिरोह के साथ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार सदस्यों में एक बालक और छह वयस्क शामिल है। इनके पास से कुल 44 मोबाइल और 34 हजार रुपये सहित चोरी के 14 सिम सहित अन्य उपकरण भी बरामद किया गया है।

इन बदमाशों की हुई गिरफ्तारी

नाम पता बरामद मोबाइल बरामद नगद
सचिन कुमार शर्मा झारखंड, धनबाद जिला, चिरकुंडा थाना, कुमार डोबी बाजार 8 5,000 रुपये
प्रताप नोनिया पश्चिम बंगाल, आसनसोल जिला, पांडेश्वर थाना, नेघा 5 4,500 रुपये
करण नोनिया वर्धमान जिला, कुल्टी थाना, नियामतपुर 7 3,000 रुपये
संजय साव झारखंड, धनबाद जिला, चिरकुंडा थाना, कुमार डुग्गी 6 8,000 रुपये
संतोष नोनिया पश्चिम बंगाल, वर्धमान जिला, पंडेश्वरी थाना, नोनिया 5 2,500 रुपये
रोशन कुमार वर्धमान जिला, कुल्टी थाना, बस्ती 4 3,500 रुपये
गणेश नोनिया वर्धमान जिला, कुल्टी थाना, राधा नगर 9-10 5 6,500 रुपये
एक बालक - 3 1,500 रुपये

एसएसपी ने बताया कि इन शातिरों के पास से मोबाइल और नगदी के अलावे एक हथौड़ी, दो चार्ज, एक चाकू, 1 ईयर ब्लू, एक पिलास, 14 सिम कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड, एक डेबिट कार्ड और दो एटीएम कार्ड शामिल है।

सभी शातिरों से पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इन सभी का अपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाया जा रहा है।