गया। मोहड़ा प्रखंड क्षेत्र से सेवतर बाजार में पेयजल आपूर्ति योजना शुरू नहीं होने से ग्रामीणों ने धरना दिया। ग्रामीणों ने बताया कि 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी एक दिन भी पानी सप्लाई नहीं हुई। 50 लाख रुपए की लागत से जलापूर्ति केंद्र बनाया गया है। जिसमें 24 लाख 80 हजार रुपैया से टंकी व 25 लाख 20 हजार रुपैया में बोरिंग पाइप सहित मजदूरी दी गई। 160 फीट बोरिंग करा कर छोड़ दिया गया। जिससे आज तक पानी नहीं निकला है, बोरिंग सफल नहीं हो पाया । अफसोस इस बात है कि इतना खर्च सरकार के द्वारा किए जाने के बाद भी ग्रामीणों को एक दिन भी पानी नहीं मिल पाया। इसके पहले भी 1980 में ढाढर नदी रिवला में जलापूर्ति केंद्र बनाया गया था लेकिन वह भी बेकार पड़ा रह गया। उससे भी एक दिन भी पानी सप्लाई नहीं किया गया । इसकी लिखित शिकायत हम लोग बीडीओ एसडीओ जिला पदाधिकारी को कई बार दिया लेकिन कोई भी पदाधिकारी ने इस कार्य को चालू कराने के लिए ध्यान नहीं दिया।

बीडीओ शभू चौधरी ने बताया कि जलापूर्ति केंद्र का कार्य पीएचडी के द्वारा कराया गया था। पीएचडी के कनीय अभियंता को बनाने के लिए बोल दिया है। उसने बताया कि जल्द उसको चालू करा दिया जाएगा। पीएचडी के कार्यपालक अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि नया जलापूर्ति केंद्र बनवाने का टेंडर पास हो गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। पप्पू यादव सुनील कुमार सरत विकाश कुमार नंदलाल यादव सोनू कुमार कौशल मिस्त्री सोनू पंडित सहित कई लोग मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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