जागरण संवाददाता, सासाराम । कोरोना संक्रमण के तेजी से हो रहे प्रसार को देखते हुए जिला प्रशासन किसी को रियायत देने के मूड में नहीं है। वैक्सीनेशन से लेकर टेस्टिंग व सतर्कता तक में सख्ती बरती जा रही है, ताकि जिले में संक्रमण का स्तर शून्य पर रहे। शुक्रवार को डीएम धर्मेंद्र कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कार्यालय प्रधानों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फ्रंट लाइन व हेल्थ लाइन वर्कर के रूप में काम करने वाले सरकारी सेवकों को जनवरी माह का वेतन तभी भुगतान किया जाएगा, जब वे 17 जनवरी तक बूस्टर (प्रिकाशन) डोज का टीका लेकर उसका सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएंगे।

इसलिए जिन फ्रंट लाइन व हेल्थ लाइन वर्कर को सेकेंड डोज लिए नौ माह हो गए हैं, वे हर हाल में सोमवार तक बूस्टर डोज का टीका लगवा अपने कार्यालय प्रधान को उपलब्ध करा दें।डीएम ने कहा कि साथ ही अधिकारियों को 14 व 15 जनवरी को मास्क को लेकर सघन चेकिंग अभियान चला प्रतिवेदन गोपनीय शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल जिले में कोरोना संक्रमण का दर एक प्रतिशत है। रोजाना 7100 व्यक्ति के कोरोना टेस्ट में 71 में कोरोना मरीजों में लक्षण मिले। इसके अलावा एएनएम को भी अपने क्षेत्र के संक्रमितों के यहां भ्रमण करने, जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा नियमित फालोआप कर प्रतिवेदन सौंपने का टास्क सौंपा गया। इसके लिए बीईओ व एमओआइसी की नियमित रूप से संयुक्त बैठक करने का डीआइओ व डीईओ को कहा गया।

टीकाकरण में पीछे चल रहे प्रखंडों को वर्णित कार्य मे तेजी लाने का निदेश दिया गया है। बिक्रमगंज, सासाराम, काराकाट एवं डेहरी के बीडीओ से टीकाकरण कार्य की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने की हिदायत दी गई। जिलाधिकारी की माने तो 15 से 18 वर्ष के किशोरों का वैक्सीनेशन लक्ष्य का 37 प्रतिशत प्राप्त हो चुका है और उसमें और तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उसी छात्र-छात्रा को मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, जिसने टीका का पहला डोज लिया है। बैठक में सिविल सर्जन डा. अखिलेश कुमार, डीआइओ डा. आरकेपी साहु समेत सभी कोषांग के नोडल अधिकारी शामिल थे।

Edited By: Rahul Kumar