गया, जागरण संवाददाता ।  Gaya News: गया व बोधगया शहरी क्षेत्र में बीते आठ माह में बिजली के 14 हजार प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। इनमें गया शहर के प्रमुख वार्डों में करीब आठ हजार व बोधगया इलाके में छह हजार मीटर लगाए गए हैं। पहले चरण में ग्राम पावर एजेंसी को यह विशेष मीटर लगाने का काम मिला है। 30 हजार मीटर शुरुआत में लगने हैं। इसके लिए मार्च 2022 तक का लक्ष्य है, लेकिन काम की रफ्तार बताती है कि इसमें समय लग सकता है। 

पुराने मीटर की जगह लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर

विद्युत उपभोक्ताओं के यहां पुराने मीटर को हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने हैं। इसके लिए सरकार ने खास तौर से निर्देश दे रखा है। शुरुआत में अनेक जगहों पर लोग इस मीटर को लगाने से हिचक रहे थे, लेकिन अब धीरे-धीरे जागरूकता आई है। लोग इस प्रीपेड मीटर के फायदे को लेकर बातचीत करने लगे हैं। शहर में घुघरीटाड़, मगध कालोनी, व्हाइट हाउस कंपाउंड, विष्णुपद, सेवा नगर इलाके में अनेक उपभोक्ताओं के यहां इस तरह के प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। 

त्योहार के सीजन में रफ्तार हुई सुस्त 

दशहरा, दीवाली व छठ जैसे त्योहार के कारण अभी प्रीपेड मीटर लगाने का काम सुस्त हुआ है। ग्राम पावर के साथ काम कर रहे कई कर्मी इन त्योहार को लेकर अपने गांव-शहर चले गए हैं। इस कारण रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। गौरतलब है कि इस साल मार्च से प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन अप्रैल-मई में कोरोना संक्रमण के चरम पर रहने के कारण मीटर लगाने का काम बाधित हो गया था। 

क्या कहते हैं अभियंता 

विद्युत कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार का कहना है कि,प्रीपेड मीटर लगाने का काम जारी है। बोधगया के अलावा गया शहरी क्षेत्र में भी प्रीपेड मीटर लग रहे हैं। धीरे-धीरे सभी जगहों पर लगे पुराने मीटर को बदलकर नया स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगेगा। इससे गलत बिजली बिल की शिकायत दूर हो जाएगी। उपभोक्ता बिजली खपत की जानकारी घर बैठे ही प्राप्त कर सकेंगे।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के क्या हैं फायदे

अधिक बिजली बिल आने के झंझट से निजात मिलने के आसार।

मैनुअल रिंडिंग से निजात मिल जाएगी।

मीटर सिस्टम खुद बिजली का बिल जेनरेट करेगा।

उपभोक्ता को यह पता चल जाएगा कि उनके यहां बिजली की कितनी खपत हो रही है।

मीटर सिग्नल देकर व मोबाइल पर मैसेज भेज देगा हर तरह की जानकारी। 

गया शहरी क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ता 

गोलपत्थर सब डिवीजन  - 35 हजार

पावर हाउस सब डिवीजन   -23 हजार 

Edited By: Rahul Kumar