गया । थानाक्षेत्र के तेतरिया गाव स्थित अनुसूचित टोले में मंगलवार को लगी आग में 13 घर जलकर राख हो गए। एलपीजी के छह सिलेंडर फटने से आग और भड़क गई। हालांकि, आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल पाया है।

टोला के दक्षिणी छोर पर स्थित एक झोपड़ी में आग लगी और आसपास के कई घरों को चपेट में ले लिया। घरों के आसपास रखे पुआल के कई पूंज भी जल गए। और फिर आग खेतों में लगी फसल में लग गई।

गाव के ही स्वास्थ्यकर्मी रुंजय सिंह को जब इसकी सूचना मिली तो वे प्रखंड मुख्यालय से फायर ब्रिगेड के वाहन के साथ घटनास्थल पर पंहुचे। आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे अग्निशमन दल के कर्मियों को आग बुझाना मुश्किल हो चला था। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के जो लोग घर से बर्तन में रखे पानी से बुझाने की कोशिश कर रहे थे। वे भी लाचार देखे गए।

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फायर ब्रिगेड की टीम को आग पर

काबू पाने में छह घंटे लग गए

फायर ब्रिगेड की टीम को आग पर काबू पाने में करीब छह घटे का वक्त लगा। धान के पुंज में लगी आग को जेसीबी की मदद से तितर बितर किया गया ताकि आग की लपट और लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सके। आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन की वाहन में पहले से जो पानी था वो खत्म हो चुके थे। इसके बाद कई बार समीप के गाव से पानी लाकर आग को बुझाने लगे।

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हो गए बेघर

आग लगने की घटना में अनुसूचित टोले के रामकुमार दास, अखिलेश दास, गुड्डू दास, रामदेव दास, सुनील दास, दीपलाल दास, भुई लाल दास, ओमप्रकाश दास, राजेन्द्र मांझी, देवरतन दास, अरविंद दास, धर्मेंद्र दास, हरिचरण मांझी के फूस से बने घर जलकर राख हो गए। इन सभी की आठ बकरियां भी आग में झुलस गई। कई और मवेशियों के शरीर के कई हिस्से जल गए।

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एंबुलेंस पर सिर्फ वाहन

चालक और कर्मी ही आए

घटना में जख्मी लोगों और मवेशियों को इलाज हेतु एसडीओ मनोज कुमार ने अनुमंडलीय अस्पताल एवं पशु अस्पताल से चिकित्सकों को घटनास्थल के आसपास बुलाया। इनके आदेश पर अनुमंडलीय अस्पताल से भेजी गई एंबुलेंस पर सिर्फ वाहन चालक और एक कर्मी ही आए। जिससे लोगों का इलाज नहीं हो पाया। वहीं पशु चिकित्सालय से काफी देर बाद पशु चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार पहुंचे।

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सहायता राशि को लेकर

चर्चा करते रहे अधिकारी

आग लगने की घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ, डीसीएलआर एवं सीओ कई घटे तक आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि को लेकर चर्चा करते रहे। जिले के कई वरीय पदाधिकारियों से बात करने के बाद प्रत्येक पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपये नगद सहायता राशि देने की बात कही गई। टिकारी सीओ एवं बीडीओ एक दूसरे को यह सहायता राशि देने की बात कहते रहे। अंतत: सीओ को प्रखंड कार्यालय से तत्काल आवासन के लिए तीन तीन हजार रुपये देने का निर्देश दिया गया। देर शाम तक एक भी पीड़ित को यह राशि नहीं उपलब्ध कराए जाने की सूचना है।

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मुखिया, सरपंच व स्थानीय

लोगों ने की मदद

पंचायत के मुखिया विमलेश उर्फ दरोगा राय ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को तत्काल दो दो हजार रुपया नगद प्रदान किया। साथ ही मुखिया और सरपंच भूषण शर्मा ने एक एक क्विंटल चावल पीड़ितों के बीच वितरित कराया। कई ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से जरूरी सामग्रियां उपलब्ध कराई।

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गुरुआ में चार किसानों की

जल गई गेहूं की फसल

संवाद सूत्र, गुरुआ: प्रखंड के काज पंचायत के टड़ई गाव में मंगलवार शाम खलिहान में अचानक आग लगने से कमल यादव समेत चार किसानों के करीब बीस हजार नेवारी एवं दो सौ बोझे गेहूं जल कर राख हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण आग बुझाने की परंतु तेज हवा के कारण आग नहीं बूझा। घटना की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार दमकल के साथ पहुंचे। इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ित किसान ने बताया करीब एक लाख रुपये की क्षति हुई है।

Posted By: Jagran