जागरण संवाददाता, गया । बारिश होने के बाद खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसान गेहूं, सरसों एवं सब्जी में यूरिया डालने डालने की चाह में हैं। लेकिन यूरिया की किल्लत ने किसानों को परेशान कर रखा है। बाजार में यूरिया 400 से लेकर 420 रुपये बोरा बिक रहा है। साथ ही यूरिया खरीदारी करने के लिए किसानों को सुबह से शाम तक लाइन में लगना पड़ रहा है। पूरे दिन लाइन में लगने के बाद भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल रहा है। जरूरत से काफी कम मात्रा में यूरिया किसानों को मिल रहा है। यूरिया की किल्लत से किसानों करीब छह महीने से परेशान है। वही उर्वरक कंपनियों के मनमानी के कारण आवंटन के अनुसार जिले को यूरिया नहीं मिल रहा है। इसके कारण यूरिया की किल्लत छह महीने से बना हुआ है।

दिसंबर माह में यूरिया का आवंटन 8250 टन था। लेकिन आवंटन के अनुसार नहीं मिलकर मात्र 4789 टन ही यूरिया मिला है। आवंटन से 3461 टन यूरिया कम मिला है। ऐसे में यूरिया का किल्लत होना लाजमी है। जबकि जनवरी माह में यूरिया का आवंटन 5879 टन है। लेकिन आज तक मात्र 2937 टन यूरिया ही मिला है। 

मनमाने दर पर बिक रहा यूरिया

बाजार में यूरिया मनमानी दर पर बिक रहा है। किसानों को अधिक दाम देकर यूरिया खरीदना पड़ रहा है। किसान संजय महेता, पवन कुमार एवं रामाशीष सिंह का कहना है कि यूरिया का सरकारी दर 266 रुपये है। लेकिन विक्रेताओं द्वारा 400 से 420 रुपये तक एक बोरा यूरिया का दाम लिया रहा है। सरकारी दर विक्रेताओं द्वारा यूरिया नहीं बेचा जा रहा है। अधिक दाम लेने के बारे में पूछने पर विक्रेता कुछ भी जवाब देने से साफ इंकार कर देते है।

थोक उर्वरक विक्रेता अधिक दाम पर देते यूरिया बाजार में सरकारी दर खाद नहीं मिलने के कई कारण है। खुदरा विक्रेताओं को कहना है कि थोक विक्रेताओं द्वारा ही 300 से लेकर 320 रुपये बोरा यूरिया दिया जाता है। उसके बाद किराया अलग से लगता है। जबकि दुकान तक पहुंचाकर 260 रुपये में देना है। वहीं थोक विक्रेताओं का कहना है कि खुदरा विक्रेताओं को यूरिया 260 रुपये में दिया जा रहा है। अगर कोई खुदरा उर्वरक विक्रेता आरोप लगता है तो गलत है।

जिला कृषि पदाधिकारी, सुदामा महतो का कहना है कि हरहाल में बाजार में यूरिया 266 रुपये बोरा बेचना है। अधिक दाम लेने पर विक्रेता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे यूरिया का किल्लत नहीं है। किसानों से आग्रह है कि नैनो यूरिया का इस्तेमाल अधिक से अधिक करे। 

Edited By: Rahul Kumar