गया में रामनंदी होटल्स से जुड़े पांच ठिकानों पर ED की छापामारी, 131.79 करोड़ के लोन मामले से जुड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गया और बोधगया में रामनंदी होटल्स एंड रिसार्ट्स लिमिटेड से जुड़े पांच ठिकानों पर छापामारी की ...और पढ़ें

बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का मामला
HighLights
ईडी ने गया-बोधगया में रामनंदी होटल्स के पांच ठिकानों पर छापामारी की।
यह कार्रवाई 131.79 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़ी है।
मामले में 85 करोड़ के लोन से 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप।
जागरण संवाददाता, गयाजी। शुक्रवार की अल सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अलग-अलग टीमों ने गया और बोधगया में रामनंदी होटल्स एंड रिसार्ट्स लिमिटेड से जुड़े पांच ठिकानों पर छापामारी की। मानपुर, बोधगया, कालीबाड़ी, नूतन नगर और काटन मिल्स समेत अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई।
बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का मामला
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई 131.79 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले में की जा रही है। हालांकि, छापामारी और मामले से जुड़े आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक मामले में करीब 85 करोड़ रुपये के लोन में से 58 करोड़ रुपये डायवर्ट किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इसी मामले में सीबीआई ने पहले केस दर्ज किया है। ईडी की कार्रवाई उसी केस को आधार बनाकर किए जाने की बात सामने आ रही है।
कंपनी से जुड़े लोगों के घर और दफ्तरों पर जांच
ईडी की टीमों ने रामनंदी ग्रुप से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों के आवास व कार्यालयों को कार्रवाई के दायरे में लिया है। टीमों की ओर से दस्तावेज, वित्तीय कागजात और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जाने की जानकारी सामने आई है।
अखौरी गोपाल और मिथिलेश राय के ठिकानों पर भी पहुंची टीम
जानकारी के मुताबिक गया शहर के चांदचौरा में अखौरी गोपाल के आवास और बोधगया के अमर बिगहा गांव में मिथिलेश राय के आवास पर भी ईडी की टीम ने छापामारी की। दोनों स्थानों पर अधिकारियों ने कागजात और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।
कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार
छापमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसी तरह कंपनी के प्रोपराइटर अखौरी गोपाल को गया लाए जाने की चर्चा भी है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
