गया, जागरण संवाददाता।  जिला स्तर के बड़े पदाधिकारी सहित जिला पदाधिकारी का कार्यालय शहर के मध्य मे दिग्घी तालाब के पास अवस्थित है। जहां सरकार के कार्यों और निर्देशों का अनुपालन होता है। उनके कार्यालय के ठीक सामने यानी दिगघी तलाव के पूर्वी छोर पर मछली की कई दुकानें हैं। डीएम ने राज्य सरकार के लॉकडाउन का अक्षरश: पालन कराने का निर्देश भी जारी कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि जहां से पूरे जिले में कानून का पालन कराने के लिए निर्देश जारी होते हैं। उनके कार्यालय के सामने ही लॉकडाउन के बाद बुधवार को मछली की दुकानें खुली रहीं।

अधिकारियों के यहीं पर हैं कार्यालय

डीएम के निर्देश और सरकार के गाइडलाइन का मछली विक्रेताओं ने खुलेआम उल्लंघन किया। इन्हें ना तो पुलिस ने रोका और ना ही प्रशासनिक अधिकारी ने।  जबकि सारे आला अधिकारी के कार्यालय यहीं संचालित है। जब इतने नजदीक दुकानदारों ने नियमों का पालन नहीं किया तो भला सुदूर इलाके की दुकानदार नियमों का पालन कैसे करेंगे। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों को सोचने और विचार करने की जरूरत है कि उनकी नाक के नीचे ही लॉकडाउन कोरोना गाइडलाइन आदि नियमों का पालन नहीं हो रहा है।इस पर सख्ती बरतने की जरूरत है। अब दुकानें खुली तो ग्राहक भी आ गए जहां बुधवार से लेकर दोपहर 11:30 बजे तक मछली का खुलेआम कारोबार हो रहा है।

सिविल लाइन थाने का है यह इलाका 

यह इलाका व दुकान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है। सि‍विल लाइन की पुलिस भी इस बारे में कुछ भी नहीं बता पा रही है पर यह अधिकारी होने की दुहाई देकर वह भी नियमों का पालन करने में सख्ती नहीं बरत रहे। अब देखना है इन दुकानदारों के द्वारा करोना को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं क्योंकि इनके दुकानों पर ना तो कोई सैनिटाइजर है और ना ही शारीरिक दूरी का पालन ग्राहक कर रहे हैं ।

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