कूदरा (कैमूर), संवाद सूत्र। डीडीयू गया रेलखंड के कुदरा और पुसौली रेलवे स्टेशनों के बीच नसेज रेल गुमटी के पास रेल ट्रैक पर एक अज्ञात 45 वर्षीय व्यक्ति का शव पाया गया। उसके शरीर पर सिर्फ एक अंडरवियर था। चंद कदम दूरी पर ट्रैक और झाड़ियों के बीच पैंट, शर्ट, गमछा, चप्पल और कोरोना मास्क पड़ा हुआ था। इसको देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि हत्या कर दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को ट्रैक पर फेंक दिया गया है। शव को देखने वाले लोगों के मुताबिक उसकी पीठ पर कई लंबे काले धब्बे थे। इससे आशंका है कि पीट-पीटकर उसकी हत्‍या की गई है। नसेज रेल गुमटी से करीब 500 मीटर पूरब जिस स्थान पर शव पाया गया वह सुनसान है तथा रेल ट्रैक के दोनों तरफ ऊंची कंटीली झाड़ियां हैं।

दो थानों के कार्य क्षेत्र के विवाद में 12 घंटे पड़ा रहा शव

अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद जहां मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए थी, वहीं कार्य क्षेत्र के विवाद में करीब 12 घंटे तक मृत शरीर घटनास्थल पर ही पड़ा रहा। जानकारी के मुताबिक कुदरा रेलवे स्टेशन प्रबंधन को रविवार को रात के करीब 11:55 बजे डाउन लाइन पर 54 नंबर गेट के पास शव होने की सूचना मिली थी। उसके बाद स्टेशन प्रबंधन ने जीआरपी थाना सासाराम को इसकी सूचना दी,  लेकिन जीआरपी थाना की रेल पुलिस का कहना था कि नया सर्कुलर आया है कि रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के बाद का कार्य क्षेत्र लोकल थाना पुलिस का है। उधर स्थानीय थाना पुलिस इसे रेल पुलिस का मामला मानती रही। इस दौरान सोमवार को दोपहर तक शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा।  सोमवार को दिन के करीब 11:00 बजे सब इंस्पेक्टर विजय सिंह के नेतृत्व में कुदरा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उसके थोड़ी देर बाद जीआरपी सासाराम थाना की पुलिस टीम भी वहां पहुंची। दोनों पुलिस टीम के बीच वार्ता के बाद आखिरकार 12 घंटे बाद सोमवार को 12:00 बजे के करीब जीआरपी थाना की पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम ले गई।

तीन घंटे तक बाधित रहा ट्रेनाें का परिचालन

डीडीयू-गया रेलखंड पर शव पड़ा होने के चलते रविवार को आधी रात के बाद करीब तीन घंटे से अधिक समय तक डीडीयू गया रेलखंड में डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेल ट्रैक पर शव होने की सूचना मिलने के बाद रात के 3:45 बजे तक वहां डाउन लाइन की ट्रेनों को रिवर्सिबल लाइन से पार कराया गया। उसके बाद रेल कर्मियों के द्वारा शव को रेल ट्रैक से हटाकर बगल में रखकर ट्रेनों का परिचालन सामान्य कराया गया।

Edited By: Vyas Chandra