डेहरी ऑन सोन (रोहतास), संवाद सहयोगी। कभी उद्योग क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना बिहार का गौरव रोहतास उद्योग समूह का डालमियानगर परिसर दुधिया रोशनी से नहाया करता था। 1984 में रोहतास उद्योग समूह के परिसमापन में चले जाने के बाद विद्युत आपूर्ति एकाएक ठप पड़ गई। 13 से अधिक विभिन्न प्रकार के कारखानों से अच्छादित विशाल क्षेत्र 24 घंटे गुलजार रहता था, परंतु कारखाना बंद होते ही यहां वीरानगी छा गई। रोहतास उद्योग आवासीय कॉलोनी और आसपास के इलाकों में रहने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को 36 वर्ष तक विद्युत आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा। जिससे औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले विद्युत उपभोक्ताओं की स्थिति शहर में होने के बावजूद बदतर हो चली थी। रोहतास उद्योग समूह बंद होने के बाद विद्युत विभाग का 48 करोड़ रुपए बकाया होने के बाद विभाग ने डालमियानगर उद्योग क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। साथ ही कंपनी और उपभोक्ताओं पर जिलाधिकारी के कोर्ट में सर्टिफिकेट केस दायर कर दिया।

डीएम के आदेश के बाद भी नहीं आई बिजली

रोहतास उद्योग क्षेत्र के वार्ड संख्या नौ की पार्षद धर्मशिला देवी के प्रतिनिधि आकाश कुमार ने तत्कालीन जिलाधिकारी अनिमेष पराशर के जनता दरबार में 2018 में बिजली आपूर्ति को ले फरियाद लगाई। जिसके बाद डीएम ने तत्कालीन विद्युत कार्यपालक अभियंता अभय कुमार रंजन को उद्योग क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आदेश दिया, परंतुू लिक्विडेशन में जाने के कारण विभाग ने उस आदेश दरकिनार कर दिया। तब शासकीय समापक व हाईकोर्ट में दी गई अर्जी।

पटना हाई कोर्ट में अर्जी लगाई

रोहतास उद्योग समूह के शासकीय समापक हिमांशु शेखर और पटना उच्च न्यायालय में अर्जी लगाई। जिसके बाद 25 जून 2019 को हाईकोर्ट ने विद्युतीकरण के लिए आदेश जारी किया। हाईकोर्ट के आदेश पर शासकीय समापक ने एनओसी जारी कर तत्कालीन विद्युत कार्यपालक अभियंता को पत्र लिख ट्रांसफार्मर और पोल लगाने के लिए मैप और सर्वे करने का आदेश दिया।

36 वर्ष बाद मई 2021 में जोर पकड़ी विद्युतीकरण की गति:

शासकीय समापक के एनओसी जारी करने के बाद मई 2021 में औद्योगिक क्षेत्र में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य जोर पकड़ा। साथ ही आवासीय कालोनी के कुछ आवासों के अलावा अन्य भाग में आपूर्ति शुरू भी कर दी गई है। नए विद्युत कनेक्शन के लिए कुल 577 आवेदन दिए गए हैं। जिसमें उद्योग समूह के लिक्विडेटर ने 486 लोगों के नाम पर एनओसी दिया है। विभाग ने अबतक कुल 430 प्रीपेड मीटर लगाया है, 56 मीटर लगना अभी बाकी है।

कहते हैं उद्योग क्षेत्र के लोग:

पार्षद प्रतिनिधि एवं पीटीशनर आकाश कुमार ने कहा कि न्यायालय सर्वोपरि है। जिसके आदेश पर आज उद्योग क्षेत्र में उजाला देखने को मिल रहा है। उन्होंने नए विद्युत कनेक्शन को ले बचे आवेदकों का दस दिन के अंदर निष्पादन करने के लिए शासकीय समापक को पत्र दिया गया है।

वार्ड संख्‍या तीन के पार्षद रवि शेखर ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाल होने से वार्डवासियों में खुशी व्याप्त है। वही नगर परिषद प्रशासन ने उद्योग क्षेत्र के 800 बिजली खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगवाकर सूरत बदल दी है।

वार्ड संख्या- नौ की पार्षद धर्मशीला देवी ने कहा कि बिजली बहाल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। उद्योग आवासीय कलोनी में रहने वाले लोगों को 36 वर्ष तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा। बच्चों को पढ़ने के लिए लाइट, मनोरंजन के लिए टीवी और पीने एवं नहाने के लिए पानी तक के लिए मोहताज होना पड़ता था।

सामाजिक कार्यकर्ता अंबुज सिंह ने कहा कि बिजली और पानी लोगों की मूलभूत सुविधाओं में एक है। बिजली नहीं होने के कारण पूरा क्षेत्र वीरान और अंधकार में डूबा हुआ था। विद्युत आपूर्ति बहाल होने से घर से लेकर सड़कों तक रोशनी मिलने से माहौल बदल गया है। साथ ही विद्युत विभाग के राजस्व में भारी बढ़ोतरी हुई है।

अंबुज सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता

कहते हैं अधिकारी:

विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सोमनाथ पासवान ने बताया कि उद्योग क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के दायर पिटीशन पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उद्योग समूह के शासकीय समापन हिमांशु शेखर और विद्युत कार्यपालक अभियंता को आदेश जारी किया। जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति और समूह को पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता है। शासकीय समापक के एनओसी एवं हाईकोर्ट के आदेश पर डालमियानगर के वार्ड नंबर छह, सात व आठ में विद्युतीकरण कार्य जा रहा है। विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 560 खंभे, 22 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। नए विद्युत कनेक्शन के लिए पड़े कुल 577 आवेदनों में लिक्विडेटर ने 486 लोगों के नाम पर एनओसी दिया है। अबतक 430 प्रीपेड मीटर लगाया गया है, 56 मीटर लगना बाकी है।

Edited By: Sumita Jaiswal