गया [जेएनएन]। बिहार के बोधगया प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को दलाई लामा ने भगवान बुद्ध को नमन किया। महाबोधि मंदिर में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में तिब्बत सहित कई महाविहारों के लामा भी शामिल रहे। इसके बाद उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में चीन में हर नागरिक को मूल अधिकार मिलने पर बल दिया।

पैदल चलकर गए महाबोधि मंदिर

तिब्बतियों के 83 वर्षीय धर्मगुरु तिब्बत महाविहार से पैदल चलकर महाबोधि मंदिर पहुंचे। उनके अनुयायियों को डेढ़ दशक बाद ऐसा नजारा देखने को मिला। महाबोधि मंदिर के पश्चिम प्रवेश द्वार से दलाई लामा मंदिर की सीढिय़ां उतरे। सामने वज्रासन को देखा और बोधिवृक्ष को नमन किया। फिर परिक्रमा के रास्ते से करबद्ध गर्भगृह में प्रवेश किए।

बीटीएमसी के कैलेंडर का लोकार्पण

दलाईलामा ने मंदिर के गर्भगृह में महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (बीटीएमसी) के नए साल (2019) के कैलेंडर का लोकार्पण किया। दलाईलामा 22 दिन के प्रवास पर रविवार को बोधगया पहुंचे। वे तिब्बत मंदिर में ठहरे हैं।

मीडिया से कही ये बातें

गर्भगृह से निकलने के बाद दलाईलामा मीडिया से भी मुखातिब हुए। उन्‍होंने कहा कि भगवान बुद्ध के इस ज्ञान-स्थल पर आकर मन को असीम शांति मिलती है। यह पुण्य-स्थल है। आज विश्व को भगवान बुद्ध के संदेश की जरूरत है। सत्य, अहिंसा और करुणा को अपनाकर ही विश्व में शांति आ सकती है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन में हर नागरिक को मौलिक अधिकार मिलना चाहिए।

Posted By: Amit Alok

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप