औरंगाबाद, जागरण संवाददाता। अपने ही रिश्‍तेदार की बच्‍ची से छेड़खानी के आरोपित को कोर्ट ने डेढ़ वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। उसपर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह महीने अतिरिक्‍त जेल में बिताने में होंगे। घटना औरंगाबाद जिले के खैरा थाना क्षेत्र की है।  विशेष न्यायालय पास्को विवेक कुमार की अदालत ने अपने ही रिश्तेदार की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी करने के मामले में आरोपित एनटीपीसी खैरा थाना क्षेत्र के ससना गांव निवासी राकेश कुमार को डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपित के खिलाफ दो हजार जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। एपीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि यह घटना चार मार्च 2020 की थी। सुरेंद्र सिंह के खिलाफ पीड़‍िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसी मामले में आज विशेष पॉक्‍सो कोर्ट ने सजा सुनाई है। वहीं छेड़खानी के एक अन्‍य मामले में कोर्ट ने  हसपुरा थाना क्षेत्र के पुरहारा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह को दोषी करार दिया है।

शादी की नीयत से 17 वर्षीय बालिका का अपहरण 

रफीगंज थाना क्षेत्र से एक किशोरी का अपहरण कर लिया गया। इस मामले में अपहृता के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें तेलथुआ गांव के 26 वर्षीय गौतम कुमार, उसकी मां सविता देवी, पिता सत्येंद्र सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया है। दर्ज प्राथमिकी में अपहृता के पिता ने बताया कि मेरी पुत्री बीते 20 नवंबर को ट्यूशन पढ़ने रफीगंज गयी थी। शाम तक नहीं लौटी तो खोजने के क्रम में पता चला कि गांव के ही राहुल कुमार ने शादी की नीयत से अपहरण किया है। उसके मां एवं पिता ने अपहरण में सहयोग किया है। जब मैं उसके घर पूछने गया तो सभी लोग मारपीट एवं गाली गलौज करने लगे। 21 नवंबर की रात से ताला लगाकर सभी परिवार गायब है। थानाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

Edited By: Vyas Chandra