पेज-4, फोटो-01 से 17 एवं 22, 23 जेपीजी में

-जनता ही करेगी फल्गु का उद्धार, सब मिलकर चलाएंगे अभियान

-आस्था के केंद्र को पर्यटन स्थल के रूप में किया जाए विकसित

-गंदे नाली का पानी गिराना बंद हो, हटाएं यहां से अतिक्रमण

-नदी के किनारे पाथवे बनाने का सुझाव, गंदे पानी को फिल्टर किया जाए

जागरण संवाददाता, गया : लाखों-करोड़ों संतानों के पूर्वजों का उद्धार करती आई फल्गु आज खुद पानी मांग रही है। जिसके जल से मोक्ष मिलता है, आज उसी में पानी नहीं। पवित्र अंत:सलिला अतिक्रमण और प्रदूषण का शिकार है। इसे बचाने के लिए सबको आने होगा। यह काम यहां के लोग ही कर सकते हैं, यहां की जनता ही कर सकती है। इसलिए आएं, हम सब मिलकर फल्गु को नया जीवन देने के अभियान में जुट जाएं।

गुरुवार को दैनिक जागरण कार्यालय में जुटे समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों व जनप्रतिनिधियों ने यही हुंकार भरी और अपील की। शहर की जीवनधारा को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की पहल पर भी जोर दिया। यह बात निकलकर आई कि सबके सहयोग से ही जलस्रोत बचेगा।

----------------------

नाला और कीचड़ प्रदूषित कर रहा फल्गु को

परिचर्चा में यह बात निकलकर आई कि इसमें निरंतर गिर रहा नाले का गंदा पानी और कीचड़ इसे प्रदूषित कर रहा है। इसे रोकने के लिए जनजागरण जरूरी है। लोगों को बताना होगा कि फल्गु का महत्व क्या है। इससे ही यहां का जीवन है। यहां की आर्थिक व्यवस्था इस पर टिकी हुई है। यह एक धार्मिक और पौराणिक नदी है। फल्गु के बिना सब कुछ व्यर्थ है। जब लोग इस बात को समझने लगेंगे तो मोक्षदायिनी फल्गु नदी स्वच्छ, निर्मल विचरण करेगी।

-----------------

शहर में ही प्रदूषित है नदी

फल्गु केवल गया शहर और आसपास के इलाकों में ही प्रदूषित है। शहर से बाहर यह स्वच्छ है। यानी, शहर के ही लोग इसे गंदा कर रहे हैं। उनके बीच जनजागरण अभियान चलाने की जरूरत है। उन्हें यह बताया जाए कि अगर इसे नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ, निर्मल जल नहीं मिलेगा। यह सवाल आने वाली पीढ़ी पूछेगी कि हमने एक पौराणिक नदी को बचाने की कोई पहल क्यों नहीं की।

-----------------

नाले को गिरने से रोकना होगा

सबसे पहले मनसरवा नाला, कुजापी नाला, बॉटमनाला, चौक नाला आदि के गंदे पानी को नदी में गिरने से रोकना होगा। नाला के पानी को नदी में गिराने की बजाय बड़ा पाइप लगाकर शहर से बाहर गिराने की व्यवस्था की जाए। गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में साफ कर उससे कृषि व अन्य कार्य किए जा सकते हैं।

-------------------

अतिक्रमण हटाया जाए

नदी में जहां भी अतिक्रमण है, उसे तत्काल हटाया जाए। जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा नदी अपने पुराने स्वरूप में नहीं आ सकेगी। इसका जबर्दस्त तरीके से अतिक्रमण किया गया है। लोगों ने नदी में मकान बना लिए हैं। सरकार और प्रशासन को इस पर पूरी सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत है। लोगों ने नदी में वीयर बांध बनाने का सुझाव देते हुए प्रस्ताव पारित किया। वीयर बांध बन जाने से नदी में जलस्तर बना रहेगा।

---------------------

लोगों ने कहा

सबसे पहले नालों के पानी को फल्गु में गिरने से रोकना जरूरी है। नालों के पानी का ट्रीटमेंट करने की जरूरत है। नदी के किनारे एक सीमित दायरे में पेड़-पौधे लगाए जाएं, ताकि इससे जलस्रोत बना रहे। हमलोग इसके लिए तैयार हैं। इस पुनीत कार्य में जहां भी जरूरत होगी, लोग खड़े रहेंगे।

शंभु सुमन, रंगकर्मी

---------------------

पहले यह समझना होगा कि शहर के लिए फल्गु एक धरोहर है। धरोहर मानते हुए इसे बचाने की जरूरत है। तभी इसका समुचित विकास संभव है। यहां के नाला के पानी को शहर से बाहर गिराने की जरूरत है। नाले ने पवित्र नदी को प्रदूषित कर दिया है।

विनोद कुमार यादव, वार्ड पार्षद

------------------

सनातन धर्म में फल्गु नदी की विशेष महत्ता है, लेकिन दुर्भाग्य है कि फल्गु का अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमण रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया जाए। नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सब लोग मिलकर आगे आएं, यह काम तत्काल शुरू कर दिया जाए।

आशा देवी, वार्ड पार्षद

-----------------------

नाला के गंदे पानी को रोकते हुए भू-गर्भ में पाइप बिछाकर इसके जरिए शहर के गंदा पानी को बाहर भेजा जाए। नाला में कचरा और गंदे अवशेष गिराए जाने पर तत्काल रोक लगे। फल्गु हमारी आस्था है। इस पर ठेस नहीं आनी चाहिए।

रेणुका पालित, सामाजिक कार्यकत्र्ता

---------------------

फल्गु नदी के पूर्वी व पश्चिमी छोर तक निरंतर अतिक्रमण हो रहा है। जो अतिक्रमण कर रहे हैं, उन्हें बताने की जरूरत है कि इससे गया की लाइफलाइन बिगड़ सकती है, आने वाले समय में पीने का पानी दुर्लभ हो जाएगा। प्रकृति ने जो संसाधन दिया है, उसे बचाने की जरूरत है। इसकी साफ-सफाई का पूरा ख्याल नगर निगम व आम लोगों को करना चाहिए।

रूपा देवी, वार्ड पार्षद

--------------------

फल्गु नदी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सबसे पहले 1914 के नक्शे की खोजबीन की जाए। उस नक्शा में फल्गु का जो क्षेत्रफल है, उसके आधार पर मापी की जाए। तभी नदी का स्पष्ट रूप सामने आएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधि, सरकारी सेवक व आम लोगों को एक मंच पर आने की जरूरत है। फल्गु केवल नदी नहीं है, बल्कि धरोहर है। अब तो नदी में मकान के साथ-साथ दुकान भी खुल गई है। अगर नदी के दोनों ओर रोपवे बनाया जाता है तो अतिक्रमण पर रोक लग सकती है।

राहुल कुमार, वार्ड पार्षद

----------------------

फल्गु में नाला का गंदे पानी गिरने से पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रमना सहित कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां बदबूदार पानी निकलता है। लोग बीमार पड़ रहे हैं। सबसे पहले बड़े नाला के पानी को रोकने के लिए प्रयास करना होगा। इसके लिए सामूहिक पहल करने की जरूरत है।

शशि किशोर शिशु, पूर्व वार्ड पार्षद

--------------------

फल्गु नदी को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए आमलोगों के सहयोग की जरूरत है। किसी भी बदलाव और बड़ी कामयाबी के लिए जनता का सहयोग बहुत ही जरूरी है। यह नदी नहीं, हमारी मां है। गया की जीवनदायिनी है। पूर्वजों के लिए मोक्षदायिनी है।

अंजना श्रीवास्तव, वार्ड पार्षद

-----------------------

फल्गु आस्था और श्रद्धा है। इसी कारण देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग पूर्वजों के मोक्ष के लिए यहां आते हैं। जरूरत है लोगों में जनजागरण की। बोधगया की तर्ज पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की जरूरत है। अतिक्रमण रोकने के लिए नदी के दोनों ओर 20 फीट नाला का निर्माण हो। उस नाला पर पाथवे बनाया जाए, ताकि सड़क जाम की समस्या को भी दूर किया जा सके।

संतोष सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद

---------------------

गत वर्ष मनसरवा नाला का निर्माण कराया गया था। उसका आकार बहुत छोटा है। इसका प्रतिफल हुआ कि मनसरवा नाला से सटे कई मोहल्ले में बरसात का पानी जमा हो गया था। मनसरवा से अतिक्रमण हटाकर नाला का आकार बढ़ाया जाए। नाला का पानी नदी में गिरने से वार्ड संख्या 38 व 39 सहित कई वार्ड में पानी प्रदूषित हो रहा है। अभी हाल में ही 1 करोड़ रुपये की लागत से बो¨रग कराई गई है। उससे सप्लाई का कार्य शुरू किया जा रहा है। जिस स्थल पर बो¨रग किया गया है, उसके बगल से नाला का पानी जाता है।

संजय कुमार सिन्हा, वार्ड पार्षद

-----------------------

फल्गु नदी में गिरने वाले नाले के पानी को रोकने के लिए नगर निगम व जिला प्रशासन पहल करे। पानी को स्वच्छ किया जा सकता है। मनसरवा से लेकर कंडी नवादा तक फल्गु नदी के पश्चिमी छोर पर 20 से 25 फीट नाला व सड़क का निर्माण हो। इससे शहर में यातायात का भार भी कम होगा।

दीपक यादव, सामाजिक कार्यकत्र्ता

------------------

फल्गु नदी पूज्यनीय है। लोग अपनी सुविधा के हिसाब से नदी को प्रदूषित और अतिक्रमित कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन को पहल करने की जरूरत है। इसकी दुर्दशा को रोकने के लिए सामूहिक पहल की जरूरत है। प्रशासन, जनप्रतिनिधि और शहरवासी को एक साथ लेकर फल्गु नदी को बचाया जा सकता है।

शिव कैलाश डालमिया उर्फ मुन्ना डालमिया, पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स

--------------------

फल्गु नदी को बचाने के लिए हमें आपसी मतभेद को भूलना होगा। इसके लिए सामाजिक चेतना जागृत करने की जरूरत है। किसी भी सुधार के लिए विशेष कर युवाओं को आगे आना होगा। सिर्फ एक प्रयास से नदी में अतिक्रमण व गंदगी खत्म नहीं होगी। इसके लिए बार-बार जनजागरण व प्रशासन पर दबाव बनाना होगा। सरकार फल्गु नदी के लिए भी प्रोजेक्ट बनाए।

विनोद जायसपुरिया, व्यवसायी

--------------------

जनसहयोग के माध्यम से आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। नदी में बसे हुए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। फल्गु की दशा और दिशा को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे। नदी से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ बीयर बांध बनाने पर बातचीत करेंगे। यह यहां के लिए बहुत ही जरूरी है।

लालजी प्रसाद पूर्व वार्ड पार्षद

---------------------

पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जनसमर्थन की जरूरत है। फल्गु नदी को लेकर एक बड़ा जनांदोलन हो। नदी में नाला का पानी नहीं गिरे। लोगों को समझाया जाए। एक बड़ी योजना बनाने की जरूरत है। इस मुहिम में समाज के हर वर्ग को आगे आने की जरूरत है। अवैध उत्खनन के कारण नदी में कोई बड़ी घटना न हो जाए।

प्रतिमा गुप्ता

अध्यक्ष, इनरव्हील क्लब आफ गया

--------------------

फल्गु नदी को स्वच्छ, अतिक्रमणमुक्त व मनोरम बनाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट की जरूरत है। यह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन केंद्र भी है। सफाई तो अहम है, पर यह बरकरार रहे, इसके लिए इसे उसी रूप में विकसित करना होगा। इसके लिए निरंतर परिचर्चा, जागरूकता अभियान, जनसहयोग की जरूरत है। नदी की दुर्दशा को समाप्त करने व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए समाज का हर वर्ग साथ दे।

शुभ्रा गुप्ता

कोषाध्यक्ष, इनरव्हील क्लब आफ गया

-----------------------

विष्णुपद से निकलेगी पदयात्रा

जागरण संवाददाता, गया : फल्गु को बचाने के लिए शहर के लोग, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, समाज के हर तबके के लोग शुक्रवार को विष्णुपद से पदयात्रा करते हुए इसे बचाने का संदेश देंगे। लोगों से अपील की जाएगी कि इसे प्रदूषण व अतिक्रमणमुक्त करने के अभियान में शामिल हों। इसके बाद प्रतिनिधि आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर फल्गु को अतिक्रमणमुक्त करने के साथ-साथ इसके सुंदरीकरण की मांग करेंगे। पदयात्रा सुबह दस बजे निकलेगी। शाम में साढ़े पांच बजे लोग फिर देवघाट पर जुटेंगे, जहां दीप जलाकर फल्गु की आरती करते हुए इसके प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे और इसे बचाने का संकल्प लेंगे।

By Jagran