जागरण संवाददाता, औरंगाबाद : नहाय खाय के साथ चार दिवसीय कार्तिक छठ व्रत का अनुष्ठान शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है। हर तरफ छठ गीत सुनाई दे रहे हैं। छठ व्रत करने वाले श्रद्धालु नदी, तालाब एवं कुआं पर स्नान करने के बाद अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया। भक्तिमय माहौल में श्रद्धालु खरना कर रहे हैं। महापर्व छठ को लेकर देव के साथ जिले का माहौल भक्तिमय हो गया है। देव में शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है जो अबतक जारी है। रविवार तक देव में छठ व्रत करने एवं सूर्यकुंड पर अर्घ्य देने के साथ सूर्यमंदिर में दर्शन करने श्रद्धालु पहुंचेंगे। 

देव में छठ करने का विशेष महत्व

देव पहुंचे श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को दंडवत देते हुए मंदिर पहुंचे और भगवान सूर्य का दर्शन किया। अपने आवासन स्थल से निकलकर पवित्र सूर्यकुंड के पास पहुुंचे। कुंड में स्नान कर ऐतिहासिक सूर्यमंदिर तक दंडवत देते पहुंचे और मंदिर में भगवान सूर्य का दर्शन कर पुन: कुंड में पहुंचे। स्नान कर वस्त्र धारण किया। अरवल के इमामगंज से पहुंचे संजीत कुमार ने बताया कि परिवार के साथ यहां छठ करने आए हैं। कोरोना के कारण दो वर्ष से नहीं आ सके थे। हसपुरा से पहुंचे अनिल कुमार, सुनील, सुनीता कुमारी, रजनी एवं सोनू ने बताया कि देव में छठ करने का विशेष महत्व है। 

छठ गीतों से देव का माहौल भक्तिमय

यहां मगध, शाहाबाद के अलावा झारखंड के सीमावर्ती जिलों से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। छठ गीतों से देव का माहौल भक्तिमय हो गया है। पूरा देव छठ के रंग में डूबा है। देव में छठ व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को जहां जगह मिल रही है वहीं अपना आवासन कर व्रत का अनुष्ठान कर रहे हैं। जो श्रद्धालु पहले से किराए पर कमरा ले रखे हैं वे वहां रह रहे हैं। यहां अधिकांश श्रद्धालु शाम तक पहुंच जाएंगे। 

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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