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Bihar Weather: कुछ मिनट की तूफानी हवा और मच गई तबाही: गया में छप्पर उड़े, पेड़ गिरे, बिजली पोल टूटे

Published: Sat, 26 Sep 2026 05:48 PM (IST)

शेरघाटी, गया में अचानक आई तेज रफ्तार चक्रवाती हवा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे कई घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिरे और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए।

हवा के झोंकों ने घरों की छतें उड़ाईं

हवा के झोंकों ने घरों की छतें उड़ाईं

HighLights

  1. तेज चक्रवाती हवा से शेरघाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ।

  2. कई घरों के छप्पर उड़े, पेड़ गिरे, बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए।

  3. स्थानीय लोगों ने मदद कर प्रशासन से मरम्मत की मांग की।

संवाद सहयोगी, शेरघाटी (गया)। शेरघाटी में शनिवार को अचानक तेज रफ्तार चक्रवाती हवा ने कुछ ही देर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हवा की गति इतनी तेज थी कि कई घरों के करकट और फूस के छप्पर उड़ गए। पेड़ और उनकी भारी डालियां टूटकर सड़कों पर जा गिरीं। बिजली के पोल तक टेढ़े और क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक आई तेज हवा और बारिश से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

हवा के झोंकों ने घरों की छतें उड़ाईं

लीपगंज चट्टी पर तेज हवा के झोंकों से रंजनी कुमारी, पति अनुज कुमार, श्लोक कुमार, गुड्डू दास और गिरिजेश कुमार के करकट के छप्पर उड़ गए। कई परिवारों को बारिश के बीच अपने घरों को सुरक्षित करने में मशक्कत करनी पड़ी।

रमना में तेज हवा के दौरान पेड़ गिरने से श्याम सुंदर पाठक की ब्रेजा कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, लिटिल फ्लावर स्कूल का करकट का छप्पर भी हवा की तेज गति नहीं झेल सका और उड़ गया।

सड़क से बिजली व्यवस्था तक दिखा असर

रिंग रोड में तेज हवा के कारण कई बिजली के पोल टेढ़े हो गए। चट्टी के पास एक बिजली का पोल आधा टूटकर गिर पड़ा। कई जगह पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर जा गिरीं, जिससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रही।

बाजार क्षेत्र में भी हवा ने अस्थायी दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी। गुमटियों और दुकानों पर लगे तिरपाल व अस्थायी छाजन उड़ गए। छोटे कारोबारियों को अचानक हुए नुकसान से मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

तेज हवा थमने के बाद स्थानीय लोगों ने सड़कों पर गिरी पेड़ों की डालियों को हटाना शुरू किया। इसके बाद कई जगहों पर आवागमन सामान्य हो सका। हालांकि बिजली के क्षतिग्रस्त पोल और तारों के कारण कुछ इलाकों में लोगों को सतर्क रहना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कराने और नुकसान का आकलन करने की मांग की है। साथ ही बिजली और सड़क व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने की अपील की है।