संवाद सहयोगी, भभुआ। कैमूर जिले में ठंड का कहर जारी है। मंगलवार का दिन सबसे अधिक ठंड वाला दिन रहा। सुबह से ही जिले में छह-सात डिग्री तक तापमान रहा। दोपहर के एक बजे के बाद कुछ समय में लिए धूप निकलने से लोगों को हल्की राहत मिली, लेकिन धूप भी काफी कम समय के लिए निकली। इसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो गई। दिन के लगभग 12 बजे तक कोहरा से वातावरण ढंका रहा। इस दौरान सौ मीटर की दूरी पर भी कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। फिर चार बजने के बाद कोहरा का प्रभाव हो गया। इसके चलते लोग शाम होते ही घर चले गए। ठंड अधिक पड़ने से झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रखंड मुख्यालय के चौक-चौराहों व अन्य जगहों पर अलाव नहीं जलने से लोग परेशान हैं, जबकि ठंड से राहत पाने के लिए लोग खुद ही लकड़ी व अन्य चीजें खरीद कर अलाव जला रहे हैं। जहां आसपास के लोग पहुंच कर अलाव ताप रहे हैं। कड़ाके की ठंड से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। आलम यह है कि लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। घर पहुंचने के बाद भी लोग घर में हिटर, ब्लोअर आदि चला कर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन काफी अधिक गलन व कनकनी होने के चलते अलाव व हिटर या ब्लोअर के पास से हटने से लोगों को ठंड परेशान कर रही थी।

अस्पतालों में भी बढ़ रही भीड़

जागरण संवाददाता, सासाराम। गत पांच दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड मंगलवार को और बढ़ गई है। पारा गिरने के चलते आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पूरे दिन सर्द हवाएं चलने व हाड़ कंपा देने वाली ठंड के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंगलवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान गिर जाने से जन जीवन प्रभावित रहा।

जानकारोंं की मानें तो दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। रात में न्यूनतम तापमान पांच  डिग्री दर्ज की गई। इस बीच चल रही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में ही दुबकने को मजबूर कर दिया। अधिकतम तापमान भी गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बाजारों में चहल पहल कम रही। दोहपर बाद सर्द हवाओं का वेग और बढ़ गया। जिससे जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव के बावजूद अगले चार-पांच दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। लोगों को रात में लगातार ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ेगा।

ठंड बढ़ने से बढ़ी बीमारियां

शीतलहर व कंपकंपाती ठंड से खासकर वृद्धों व बच्चों में बीमारी भी बढ़ गई है। बच्चे कोल्ड डायरिया के शिकार हो रहे हैं। सदर अस्पताल में कोल्ड डायरिया पीडि़त आधा दर्जन से अधिक मरीज आए, जिनमें बच्चों की संख्या अधिक थी। डाक्टरों का मानना है कि इस समय पड़ रही ठंड हाई ब्लड प्रेशर व दिल के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। इसमें सर्दी से तो बचाव करें ही, खान-पान पर भी विशेष ध्यान दें। तेल व घी से बने खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचें व रोज व्यायाम करें।

कहते हैं चिकित्सक

सदर अस्‍पताल के वरिष्‍ठ चिकित्‍सक डॉ. नंदलाल चौहान ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए रहन-सहन व खानपान पर विशेष ध्यान दें। हमेशा ताजा व गर्म भोजन का ही सेवन करें। शरीर को ढक कर रखें। कमरे में हीटर लगा हो या अलाव तापने के तुरंत बाद ठंड में नहीं निकलें। कमरे को गर्म रखने के लिए उसे बंद करके रखें। तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

Edited By: Prashant Kumar