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वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे और झारखंड सीमा के करीब इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, गया में सचिव ने लिया पूरा जायजा

Published: Sun, 13 Sep 2026 02:38 PM (IST)

बिहार के उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने डोभी, गया में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

न‍िरीक्षण के दौरान न‍िर्देश देते सचिव कुंदन कुमार। जागरण

न‍िरीक्षण के दौरान न‍िर्देश देते सचिव कुंदन कुमार। जागरण

HighLights

  1. सचिव कुंदन कुमार ने डोभी में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निरीक्षण किया।

  2. 1670 एकड़ भूमि अधिग्रहित, 1300 एकड़ वन भूमि हस्तांतरित हुई।

  3. वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे और झारखंड सीमा से निकटता का जायजा लिया।

संवाद सूत्र, डोभी (गया)। बिहार सरकार के उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने रविवार को डोभी स्थित अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल काॅरिडोर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।

उन्होंने बियाडा के अधिकारियों, शेरघाटी एसडीओ जतिन कुमार, बियाडा के अधिकारी और सीओ भारतेंदु तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।

1670 एकड़ जमीन अधिग्रह‍ित

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नक्शे के माध्यम से सचिव को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि कारिडोर के लिए पूर्व में 1670 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। 

वन विभाग की लगभग 1300 एकड़ भूमि भी हस्तांतरित कर परियोजना के लिए उपलब्ध करा दी गई है। इसके बदले वन विभाग को अन्य स्थान पर भूमि प्रदान की जा चुकी है।

सचिव ने निर्माणाधीन गेस्ट हाउस, प्रस्तावित हेलीपैड तथा काॅरिडोर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने काॅरिडोर से वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे की दूरी, झारखंड सीमा की निकटता तथा यहां तक पहुंचने वाली सड़कों की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्‍य सड़क का भी ल‍िया जायजा 

साथ ही सूरज मंडल के पास से एनएच-19 को जोड़ने वाली निर्माणाधीन मुख्य सड़क का भी निरीक्षण किया। बैठक में सचिव ने कारिडोर के आसपास उपलब्ध भूमि का आकलन करने और भविष्य में अधिग्रहण की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने एसडीओ को दो दिनों के भीतर यह रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही वन क्षेत्र में विकसित ग्रीन फील्ड क्षेत्रों को भी काॅरिडोर के दायरे में लाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर परियोजना का आधारभूत ढांचा विकसित कर रही एन.के. कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।