उपेंद्र कश्यप, दाउदनगर (औरंगाबाद)। पंचायत आम चुनाव को लेकर बड़ी खबर आई है। छह प्रखंडों के निर्वाची पदाधिकारी पंचायत सह प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा विभिन्न कारणों से ईवीएम कमि‍शनिंग का कार्य अपने प्रखंड में कराने से हाथ खड़ा कर दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी पंचायत सह जिला पदाधिकारी द्वारा मंगलवार को विशेष कार्य पदाधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के अनुसार नवीनगर, कुटुंबा, देव, मदनपुर, गोह एवं हसपुरा के प्रखंड पदाधिकारियों ने अपने यहां ईवीएम की कमि‍शनिंग कराने में असमर्थता जताई है तथा ईवीएम की कमि‍शनिंग का काम जिला स्तर पर ही कराए जाने का अनुरोध किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवीनगर ने अत्यंत नक्सल प्रभावित प्रखंड होने एवं उपयुक्त भवन का अभाव होना कारण बताया है। वहीं कुटुंबा, देव और मदनपुर ने नक्सल प्रभावित होने के साथ उपयुक्त भवन का अभाव होना कारण बताया है। गोह और हसपुरा प्रखंड द्वारा उपयुक्त भवन का अभाव कारण के रूप में बताया गया है। जिला पदाधिकारी के अनुसार संबंधित निर्वाची पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में जिला में 10 चरणों में चुनाव कराने हेतु एवं कमि‍शनिंग एवं वज्रगृह मतगणना केंद्र बनाए जाने से संबंधित प्रस्ताव अनुमोदन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है।

भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार मात्र औरंगाबाद, बारुण, रफीगंज, दाउदनगर और ओबरा प्रखंडों से जुड़े ईवीएम का कमीशनिंग कार्य इन प्रखंडों में होगा। शेष सभी प्रखंडों का कमीशनिंग कार्य जिला मुख्यालय में होगा। जिला मुख्यालय में इसके लिए 2 केंद्र बनाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार किशोरी सिन्हा महिला महाविद्यालय में औरंगाबाद, मदनपुर, हसपुरा एवं देव प्रखंड का कमीशनिंग कार्य होगा, जबकि सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय में नवीनगर, गोह और कुटुंबा प्रखंड का कमि‍शनिंग कार्य होगा। कमीशनिंग कार्य का मतलब होता है कि अंतिम तौर पर चुनाव मैदान में खड़े अभ्यर्थियों की सूची ईवीएम में सेट करना। जिस आधार पर मतदाता प्रत्याशी का चयन कर मतदान करते हैं।

Edited By: Prashant Kumar