संवाद सहयोगी, दाउदनगर (औरंगाबाद) : प्रखंड के कनाप तथा अकबरपुर गांव में कृषि विभाग से प्राप्त धान के बीज ने किसानों को बर्बाद कर दिया। वह लूटा और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनके सपनों पर पानी फिर गया। वह खुद को कोस रहे हैं कि वे क्यों सरकारी बीज के चक्कर में पड़े। इससे उनका धन समय और ऊर्जा तीनों बर्बाद हुआ। सपने तो खैर चूर हो ही गए। 

प्रभावित किसानों ने मुआवजा देने की मांग करते हुए आत्मदाह और भूख हड़ताल की धमकी दी है। किसानों के अनुसार अकबरपुर और कनाप गांव में कृषि विभाग से प्राप्त धान के बीज किसानों ने खेतों में डाला। सतय से पहले बड़े हो गए और फुट भी गए। मौसम में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। 

सुनील दत्त मेहरा, नवनीत कुमार, सुरेंद्र कुमार शर्मा, गौतम कुमार, कुसुम देवी, श्रीनिवास शर्मा, मिथिलेश शर्मा, राकेश शर्मा ने जिला कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी को आवेदन देकर इस आशय की शिकायत की है।बिना खाद बड़ा हुआ और फुट गया किसान सुनील दत्त मेहरा ने लिखे गए आवेदन में कहा है कि चार जून को कृषि कार्यालय से बीज लिया। लगभग ढाई एकड़ में रोपाई की। बिना खाद के बहुत अधिक बड़ा हो गया। फूट गया। फसल बर्बाद हो गया है। उन्होंने फसल की जांच कराने और लागत खर्च को जोड़ते हुए उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि वे एक छोटा किसान हैं और कृषि पर ही निर्भर हैं।

मुआवजा नहीं तो भूख हड़ताल

नवनीत कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि एमटीवी 7,229 धान बीज उन्होंने चाट जून को प्रखंड कृषि कार्यालय से लिया। 12 बीघा खेत में लगाया। बिना खाद के बढ़ गया और धान फूट गया। उन्होंने जांच कराकर उचित मुआवजा की मांग की है। कहा कि अगर मुआवजा नहीं मिलता है तो भूख हड़ताल करेंगे।

मुआवजा दे सरकार

सुरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि पांच एकड़ में उन्होंने बीज रोपा जो कृषि विभाग से मिला और पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसलिए मामले की जांच कर उचित मुआवजा दिया जाए। क्योंकि वे खेती पर निर्भर हैं।आत्मदाह की दी धमकीगौतम कुमार ने चार एकड़ में इस बीज का इस्तेमाल किया था। पूरी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने भी लागत खर्च जोड़कर उचित मुआवजा देने की मांग की है अन्यथा आत्मदाह करने की धमकी दी है। सीधा कहा है कि कृषि पर उनका जीवन निर्भर है।

मुआवजा नहीं तो भूख हड़ताल

कुसुम देवी 14 बीघा में कृषि विभाग से प्राप्त बीज लगाया था। सब कुछ बर्बाद हो गया। वह कहती हैं कि उचित मुआवजा नहीं मिला तो भूख हड़ताल करेंगे क्योंकि उनके जीवनयापन के लिए यही एकमात्र साधन है।

11 बीघा में फसल हुई बर्बाद

श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि उन्होंने 11 बीघा में धान की फसल लगाई और सब का सब बर्बाद हो गया। जांच कर उचित मुआवजा देने की उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी से मांग की है।

वैज्ञानिक बताएंगे कारण: बीएओ

प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय रजक ने बताया कि वे मामले की जांच करेंगे। यदि फसल बर्बाद हुई है तो कारण कृषि वैज्ञानिक बताएंगे। उनको कारण पता नहीं। बोले कि उनके पास बीज बैग में आता है और उसे किसानों के बीच बांटते हैं।

Edited By: Prashant Kumar Pandey