गया के आमस में महज 2 कमरों में चल रही 8 कक्षाएं, धूप में पढ़ने को मजबूर 200 बच्चे
गया के आमस प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मसूरीबार में कमरों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही ...और पढ़ें

2 कमरों में चल रही 8 कक्षाएं
HighLights
मध्य विद्यालय मसूरीबार में कमरों की भारी कमी।
मात्र दो कमरों में आठ कक्षाओं का संचालन हो रहा।
200 छात्र धूप में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर।
संवाद सूत्र, आमस। प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय मसूरीबार में कमरे की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त वर्ग कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही कमरे में कई कक्षाओं के छात्रों को बैठाकर पढ़ाने की स्थिति बनी हुई है। विद्यालय में महज दो कमरों में आठ कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
इससे छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।विद्यालय में कुल 255 छात्रों का नामांकन हैं और प्रतिदिन करीब दो सौ छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।इन छात्रों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षक पदस्थापित हैं। सीमित संसाधनों और कमरों की कमी के बीच शिक्षकों के सामने सभी कक्षाओं का संचालन करना चुनौती बना हुआ है।
कक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में कठिनाई
पर्याप्त जगह नहीं रहने के कारण छात्रों को विद्यालय परिसर के बाहर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। धूप में बैठकर पढ़ने से बच्चों को काफी परेशानी होती है। गर्मी के दिनों में स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है।विद्यालय की शिक्षिका यासमीन बानो के अनुसार वर्ग कक्ष की कमी के कारण सभी कक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में कठिनाई होती है।
एक साथ कई कक्षाओं का संचालन होने से बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। वहीं विद्यालय परिसर में पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को खुले में बैठाना मजबूरी बन गया है।
बैठने और पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उनके बैठने और पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्ष का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
विद्यालय के पोषक क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अजीत दास कमलेश यादव राजेश यादव विनोद यादव सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने से छात्रों को काफी राहत मिलेगी और उनकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से हो सकेगी।
