जागरण संवाददाता, बोधगया : आफिसर्स ट्रेनिग अकादमी गया में शनिवार को पासिग आउट परेड का आयोजन किया गया। यह 20 वीं पासिग आउट परेड राज्यवर्धन स्टेडियम में हुई। जिसमें देश को 99 जाबांज सैन्य अधिकारी मिले। इनमें बिहार के विभिन्न जिलों के सात सहित शेष देश के विभिन्न राज्यों के कैडेट्स हैं। परेड में भारत के मित्र पड़ोसी राष्ट्र श्रीलंका, भूटान और वियतनाम के नौ जेंटलमैन कैडेट्स भी शामिल थे। परेड के मुख्य अतिथि ओटीए के कमांडेंट जीएवी रेड्डी ने पासिग आउट परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। इस दौरान सेना के तीन हेलीकाप्टरों से पुष्प वर्षा कर कैडेट्स की हौसला अफजाई की गई। जेंटलमैन कैडेट्स ने सेना की बैंड की धुन पर शानदार परेड किया। अंतिम पग पर पैर रखकर सभी 108 जेंटलमैन कैडेट्स अधिकारी बन गए। अब ये जवान देश के विभिन्न सैन्य संस्थानों में जाकर अपनी सेवा देंगे और देश का मान बढ़ाएंगे। इसके अलावे 60 जेंटलमैन कैडेट्स एक वर्षीय बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर तकनीकी शिक्षा के लिए देश के विभिन्न सैन्य तकनीकी संस्थान यथा सिकंदराबाद, मऊ और पुणे से इंजीनियरिग में स्नातक डिग्री प्राप्त करने जाएंगे। विशेष बात यह रही कि दो वर्ष के अंतराल के बाद जेंटलमैन कैडेट्स के स्वजन पासिग आउट परेड के गवाह बन सके। इससे पहले कोविड प्रोटोकाल के कारण पाबंदियां थीं।

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गोल्ड मेडल के हकदार बने आदित्य वंश आर्य

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प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट आदित्य वंश आर्य की गोल्ड, मयूर पाटिल व दानिश एवी को सिल्वर व अजय सिंह पनवार को कांस्य मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान ओटीए कमांडेंट जीएवी रेड्डी ने जेंटलमैन कैडेटों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी। उन्होंने जेंटलमैन कैडेटों से देश के विभिन्न संस्थानों में साहस, धैर्य और पराक्रम के साथ ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करने को कहा।

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नहीं हुई पिपिग सेरोमनी

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हेलीकाप्टर क्रैश में सीडीएस समेत 13 सैन्य अधिकारियों के दुखद निधन के मद्देनजर ओटीए में पासिग आउट परेड के दौरान होने वाली पिपिग सेरेमनी को रद्द कर दिया गया। इसके बजाए कमांडेंट ने देश के दिवंगत सीडीएस बिपिन रावत व उनकी पत्नी सहित अन्य सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। यह जानकारी ओटीए के पीआरओ के माध्यम से दी गई। पिपिग सेरेमनी में जेंटलमैन कैडेट्स शपथ लेते हैं, उसके बाद अंतिम पग को पार कर सैन्य अधिकारी बनते हैं। यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षक सलामी देते हैं। ये महत्वपूर्ण क्षण होता है। उसके बाद आए स्वजन विशेष कर मां या पिता जेंटलमैन कैडेट्स को बैच लगाते हैं।

Edited By: Jagran