गया/ नवादा, जागरण टीम। कोंच बाजार स्थित कपड़ा व्यवसायी विनोद लाल अग्रवाल के बड़े पुत्र रवि राज ने 65वीं बीपीएससी के मुख्य परीक्षा निकालने के उपरांत साक्षात्कार में 75वीं रैंक लाकर कोंच प्रखण्ड का नाम रौशन किया है। इन्होंने मैट्रिक एलिगेंट पब्लिक स्कूल गया से की, इंटर की परीक्षा ईशान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पटना से की। और डीआईटी  देहरादून से इंजिनियङ्क्षरग किया। पिता विनोद लाल अग्रवाल  ने कहा कि पुत्र रवि राज गया में ही अपनी मकान में हीं रहकर यूपीएससी की दो बार पीटी भी निकाल चुका है। और यह पहली बार में हीं बीपीएससी के मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार की परीक्षा पास कर घर हीं नहीं पूरा प्रखण्ड का नाम रौशन किया है। वहीं दादी सुशीला देवी ने कहा कि पौत्र रविराज के बीपीएससी पूरा करने पर काफी खुशी है। मेरे पति छोटे से कपड़ा व्यवासय करके बच्‍चों का भरण पोषण किये थे। लेकिन यह मेरा व परिजनों का सपना साकार कर दिया गया। रविराज ने बीपीएससी में पास करने का श्रेय अपनी माता आशा देवी, पिता विनोद लाल अग्रवाल, दादी सुशीला देवी व गुरूजनों को दिया है। वहीं उन्होंने कहा कि इरादा पक्का हो तो कहीं पटना दिल्ली नहीं अपने घर में रहकर भी यूपीएससी या बीपीएससी में सफलता मिल सकती है। इसके लिए 17-18 घंटा तक अध्ययन जरूरी है।

बीपीएससी परीक्षा में हिसुआ के विक्रम कुणाल को 295वां रैंक

 बिहार लोक सेवा आयोग की 65 में संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में नवादा जिला के हिसुआ के विक्रम कुणाल ने 295 वां रैंक पाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नगर के विश्वशांति चौक के समीप मेन रोड निवासी अनिल कुमार व इंदु देवी के इकलौते पुत्र विक्रम कुणाल ने दूसरे प्रयास में यह सफलता पाई। 64वीं परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचे थे।

विक्रम कुमार फिलवक्त कस्टम विभाग में सुपरिटेंडेंट आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि हाई स्कूल हिसुआ से 2005 में मैट्रिक करने के बाद अपने ननिहाल बाढ़ पटना से इंटर किया तथा केरल से बीटेक करने के बाद 2014-15 में बिप्रो  तथा एक साल के अंदर 2015-16 में इंटेलिजेंस ब्यूरो इंस्पेक्टर के पद पर तथा वर्तमान में मई 2016 से कस्टम विभाग मे कार्यरत हूं।

उन्होंने बताया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए न्यूज पेपर एक अहम भूमिका निभाती है। प्रतिभागियों को चाहिए कि न्यूज पेपर ध्यानपूर्वक पढ़ें। न्यूज पेपर के साथ-साथ करंट अफेयर की जानकारी लेना भी जरूरी है। लेखन कौशल के लिए भी स्वयं को तैयार करना चाहिए। अगर बीपीएससी की तैयारी कर रहे हो तो राइटिंग स्किल डेवलप करना तो बेहद ही जरूरी है। नौकरी करते हुए मैने गोल बनाकर सेल्फ स्डटी किया। पुत्र की सफलता पर पिता अनील कुमार की आंखों से खुशी के आंसू छलक जा रहे हैं। बहन नेहा गुप्ता, ईशा गुप्ता सहित इष्ट मित्रों व हिसुआ नगरवासियों में खुशी है। लोग विक्रम के पिता अनिल गुप्ता को फोन पर तथा घर पहुंच कर बधाई दे रहें है।

बतादें कि विक्रम के अलावा हिसुआ के शिक्षक रहे स्व. हरिचंद्र रजक के पुत्र प्रभात कुमार ने भी बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

नवादा की सरिता बनी ग्रामीण विकास अधिकारी

नवादा  जिले के पकरीबरावां प्रखंड के मेघीपुर गांव निवासी धुरंधर सिंह की पुत्री सरिता कुमारी बीपीएससी 65वीं प्रतियोगी परीक्षा में सफल रही हैं। ग्रामीण विकास अधिकारी के पद पर चयनित हुई है। पिता वसिका नवीस हैं। नवादा नगर के न्यू एरिया मोहल्ले में पूरा परिवार रहता है। बिटिया की सफलता पर स्वजन खुश हैं। पिता ने बताया कि सरिता की प्रारंभिक शिक्षा मॉडर्न इंग्लिश स्कूल नवादा से हुई थी। बाद में जवाहर नवोदय विद्यालय रेवार, पकरीबरावां से 10वीं तक की पढ़ाई की। स्नातक पटना विश्वविद्यालय और पीजी की शिक्षा बीएचयू से प्राप्त की। फिलहाल, मोतिहारी से पीएचडी कर रही हैं। सरिता को शहर के बुद्धिजीवियों ने बधाई दी है।

 

Edited By: Sumita Jaiswal