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गया जंक्शन पर दून एक्सप्रेस के S-8 कोच में मिले 45 जीवित कछुए, तस्करी की आशंका

Published: Wed, 16 Sep 2026 05:09 PM (IST)

ऋषिकेश से हावड़ा जा रही दून एक्सप्रेस के एस-8 कोच से गया जंक्शन पर 45 जीवित कछुए बरामद किए गए, जिससे वन्यजीव तस्करी की आशंका जताई जा रही है।

गया जंक्शन पर दून एक्सप्रेस के S-8 कोच में मिले 45 जीवित कछुए, तस्करी की आशंका

गया जंक्शन पर दून एक्सप्रेस के S-8 कोच में मिले 45 जीवित कछुए, तस्करी की आशंका

HighLights

  1. दून एक्सप्रेस के एस-8 कोच से 45 कछुए मिले।

  2. गया जंक्शन पर आरपीएफ-जीआरपी ने की कार्रवाई।

  3. वन्यजीव तस्करी की आशंका, वन विभाग को सौंपे कछुए।

जागरण संवाददाता, गयाजी। ऋषिकेश से हावड़ा जा रही दून एक्सप्रेस में वन्यजीव तस्करी की आशंका से जुड़ा मामला सामने आया है। गया जंक्शन पर जांच के दौरान ट्रेन के स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर लावारिस पड़े दो झोले और एक पिट्ठू बैग से 45 जीवित कछुए बरामद किए गए।

आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने सभी कछुओं को सुरक्षित संरक्षण में लिया। बुधवार को उन्हें वन विभाग के अधिकृत कर्मचारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।

बाथरूम के बाहर लावारिस पड़े थे बैग:

आरपीएफ के अनुसार, मंगलवार की रात करीब 08:50 बजे 13010 डाउन दून एक्सप्रेस गया जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंची। ट्रेन की जांच के दौरान स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर दो झोले और एक पिट्ठू बैग लावारिस अवस्था में मिले।

जांच करने पर तीनों सामान से कुल 45 जीवित कछुए बरामद हुए। सामान पर किसी यात्री ने अपना दावा नहीं किया।

कछुओं को मिला है उच्चतम संरक्षण:

कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आता है। इसे देखते हुए आरपीएफ ने कछुओं को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सूचना दी।

वन विभाग को सौंपे गए सभी कछुए:

आरपीएफ ने बरामद कछुओं को सुरक्षित तरीके से आरपीएफ पोस्ट गया पहुंचाया। बुधवार को वन विभाग गया के अधिकृत कर्मचारी एवं वनरक्षी वशिष्ठ कुमार को सभी 45 जीवित कछुए विधिवत सुपुर्द कर दिए गए। वन विभाग की ओर से इनके संबंध में आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त टीम ने चलाया अभियान:

कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट गया के प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव, निरीक्षक चंदन कुमार और जीआरपी थानाध्यक्ष शिवकुमार के निर्देशन में की गई। टीम में सहायक उप निरीक्षक रणधीर कुमार, अपराध आसूचना शाखा के जवान, सीपीडीएस टीम तथा राजकीय रेल थाना गया के पुलिसकर्मी शामिल रहे।

लावारिस सामान से इतनी संख्या में जीवित कछुओं की बरामदगी ने ट्रेन से वन्यजीवों की अवैध ढुलाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब वन विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि कछुओं को कहां ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।