गया, जागरण संवाददाता। शहरवासियों को पानी देने का काम पहले नगर निगम कर रहा था। लेकिन सरकार ने नगर निगम को जलापूर्ति कार्य से छुट्टी तीन साल से कर दिया है। शहर में पानी की आपूर्ति का जिम्मा सरकार ने बुडको दे दिया है। साथ ही शहर में सात दिन 24 घंटा पानी की आपूर्ति को लेकर बुडको द्वारा कई कार्य किया जा रहा है। शहर में जलापूर्ति का काम एशियन डेवलमेंट बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। लेकिन जलापूर्ति का काम कछुआ की चाल से चल रहा है। नगर निगम बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि तीन वर्षो में मात्र 30 फीसद ही काम किया गया है। शहर में बुडको द्वारा जलापूर्ति काम 2018 में शुरू किया गया था। कार्य पूरा करने का समय इसी महीने सितंबर में है। लेकिन अभी तक एक भी वार्ड में पानी की आपूर्ति चालू नहीं किया गया है।

पाइपलाइन का करना है विस्तार

शहर में जलापूर्ति को लेकर 446 किलोमीटर पाइपलाइन का विस्तार होना है। लेकिन अभी तक कोई भी वार्ड पर पूरी तरह से पाइपलाइन का विस्तार नहीं किया गया है। पाइपलाइन का विस्तार कर सभी घरों को पानी के लिए कनेक्शन देना है। जिससे लोगों को शुद्ध एवं नल का जल मिल सके। पानी की आपूर्ति को लेकर छह पानी टंकी, 24 जलापूर्ति केंद्र एवं दो जमीन के नीचे पानी टंकी का निर्माण किया जाना है। जिससे शहर के लोगों को सातों तीन 24 घंटा पानी मिलते रहे।

373 करोड़ की है योजना

शहर में जलापूर्ति को लेकर चल रहे योजना 373 करोड़ रुपये की है। जिसमें पाइपलाइन के विस्तार के साथ कई कार्य करना है। वहीं शहर में 75 हजार घरों को पानी आपूर्ति को लेकर कनेक्शन देना है। लेकिन काम काफी धीमी गति से चल रहा है

जरूरत से 20 मिलियन लीटर कम मिल रहा पानी

शहर के लोगों को जरूरत से काफी काम पानी मिल रहा है। नगर निगम जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि शहर के लोगों को 60 मिलियन लीटर पानी की जरूरत है।  अभी 40 मिलियन लीटर पानी मिल रहा है। जो जरूरत से 20 मिलियन लीटर कम है। इसी कमी को देखते हुए जलापूर्ति का काम किया जा रहा है।

बुडको के सहायक अभियंता शशि झा ने कहा कि शहर में जलापूर्ति काम 65 फीसदी पूरा हो गया है। मई 2022 तक सभी घरों को पानी पाइपलाइन से मिलने लगेगा। कार्य समाप्त करने का समय इसी महीने था। लेकिन कोरोना को लेकर समय बड़ा दिया गया है। अगले वर्ष मई महीने में काम पूरा हो जाएगा।

 

Edited By: Sumita Jaiswal