गया । कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों के बीच सोमवार शाम वही हुआ जिसका पहले से अंदेशा था। उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें दोपहर बाद अचानक से बढ़ गई। 24 रुपये किलो बिकने वाला आटा 34 रुपये किलो तक बिका तो 90 रुपये पसेरी बिकने वाला आलू 170 तक पहुंच गया। प्याज की कीमत 50 रुपये किलो तक पहुंच गई। सब्जियों की कीमतों को तो मानों जैसे पंख ही लग गए। हर सब्जी की कीमत दोगुनी हो गई। इस बीच शहरवासी भी उहापोह की स्थिति में जरूरी सामानों की खरीदारी में जुट गए। इस बीच जो पीछे छूट गया वह लॉकडाउन के निर्देशों का पालन। ऐसा लगा मानों कोरोना की जंग में हर वस्तु महंगी हो गई। सिवाय इंसान की जान सस्ती है। बाजार निकले लोगों ने संक्रमण के खतरों की परवाह ही नहीं की। लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलना था। भीड़ नहीं लगानी थी, लेकिन राशन-दुकान से लेकर मेडिकल स्टोर व सब्जी मंडियों में शाम के वक्त लोगों की जबर्दस्त भीड़ देखी गई। इन सबके बीच वागेश्वरी रेलवे क्रॉसिंग के पास खड़े एक बुजुर्ग ने कहा- गईया रोज दूध देगी, खेतों में हरी सब्जी रोज फलेगी। अभी तो पूरी की पूरी खेत गेहूं से पटी है। फिर भी लोग पता नहीं क्यों घबराए हुए हैं।

Posted By: Jagran

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