गया । गया कोर्ट के बाहरी परिसर और रजिस्ट्री ऑफिस की सड़क पर वर्षो से जमे अतिक्रमणकारियों को हटाया गया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर शनिवार को नगर निगम व पुलिस प्रशासन ने की। सड़कों के किनारे जमे डीड-राइटर, स्टांप वेंडर, टाइप राइटर, भोजनालय, पान-चाय की गुमटी को बल पूर्वक हटाया गया। इस पर कई दुकानदारों ने आपत्ति जताई। नगर निगम व पुलिस पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क पर दुकान लगाने अनुमति नहीं है। इसे तुरंत स्वयं हटाएं, लेकिन नहीं माने। उसके बाद अधिकारियों ने जेसीबी मशीन का सहारा लिया। मशीन से अवैध दुकानों को हटाया गया।

अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के उप नगर आयुक्त दिनेश कुमार सिन्हा सहित अन्य आलाधिकारी दल बल के साथ पहुंचे। अतिक्रमण हटाने की शुरुआत गया कोर्ट परिसर के पूर्वी छोर यानि दिग्घी तालाब बगल, उत्तर दिशा, बार एसोसिएशन लाइब्रेरी पूर्वी, दक्षिणी दिशा में लगे अवैध दुकानों को हटाया गया। जिन गुमटी में स्टांप टिकट की बिक्री होती है। वह गुमटी बंद थी। इसलिए वैसे दुकानदार को 24 घंटे के अंदर वैसे गुमटी को स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया। निर्धारित अवधि में गुमटी नहीं हटाया जाता है। नगर निगम उस गुमटी को हटाते हुए कार्रवाई करेगी। यह अभियान कचहरी से चुना गली को जोड़ने वाले मार्गो पर अतिक्रमण हटाने का बुलडोजर चला। यहां रजिस्ट्री आफिस के सामने सड़क के किनारे अवैध शेड डालकर डीडराइटर अपना कारोबार चला रहे थे। वैसे डीडराइटर की अवैध झोपड़ी को जेसीबी से हटाया गया। रजिस्ट्री आफिस के कर्मियों का कहना है कि डीडराइटर को बैठने के लिए कैंपस में जगह निर्धारित है। कुछ डीडराइटर सड़क के किनारे अपनी दुकान चलाते हैं। इस कारण सड़क जाम बराबर लगता है। सबसे बड़ी बात है कि इस स्थल पर नगर पुलिस उपाधीक्षक का सरकारी आवास है। उनके आवास के बगल में अतिक्रमण था, जिसे डीएसपी नहीं हटा पा रहे थे। उस अतिक्रमण को नगर निगम ने हटाया। रजिस्ट्री आफिस की बगल में उत्पाद विभाग का कार्यालय है। इसके सामने भी झोपड़ी है। जिसे हटाया गया। अधिकारियों ने कहा कि अगर दुबारा दुकान लगाया गया तो समान जब्त करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस