गया । कोरोना का असर धार्मिक स्थलों पर देखा जा रहा है। विष्णुपद मंदिर में तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी आई है। पूजा-अर्चना करने को काफी कम संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। आमदिनों मंदिर में पूजा, पाठ एवं तुलसी अर्चना को लेकर काफी संख्या में श्रद्धालु आते थे, लेकिन तीन-चार दिनों से कमी आई है। चैत मास का पितृपक्ष आठ मार्च से चल रहा है, जो 23 मार्च को अमावस्या तिथि को समाप्त होगी। कोरोना को लेकर काफी संख्या में पिंडदानी अपने पितरों के मोक्ष की कामना को लेकर कर्मकांड को लेकर आ रहे हैं। विष्णुपद प्रबंधनकारिणी समिति के सचिव गजाधार लाल पाठक ने कहा कि विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी कमी आई है। मात्रा 25 फीसदी ही श्रद्धालु मंदिर में पहुंच रहे हैं।

सदस्य शंभू लाल बिट्ठल कहते हैं, कोरोना वायरस के भय के कारण काफी संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं। इस समय सबसे अधिक तीर्थयात्री पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली एवं हरियाणा से आते थे। कोरोना के भय से उक्त राज्यों से काफी कम संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पखवारे में 40 से 50 हजार तीर्थयात्री आते थे, लेकिन कोरोना के भय करीब पांच हजार तीर्थयात्री आए हैं।

Posted By: Jagran

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