गया । अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में गुरुवार को तीन संदिग्ध को भर्ती कराया गया। सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि औरंगाबाद जिले के जितपुर माली निवासी दिनेश प्रजापति को भर्ती किया गया है। इनके अलावा गया जिले के गुरुआ के पिंटू भारती व मानपुर बुनियादगंज निवासी सुधांशु अगरही को भर्ती कराए गए हैं। इन सभी को कोरोना वायरस का संदिग्ध माना गया है। वहीं पूर्व से भर्ती जापानी नागरिक की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। शेरघाटी के सिद्धेश्वर को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया

स्ावाद सहयोगी, शेरघाटी : शेरघाटी नगर के वार्ड नं. 14 पलकिया मोहल्ला के सिद्धेश्वर पासवान उर्फ सुग्गा को सर्दी-जुकाम व बुखार के लक्षण मिलने पर गुरुवार को उसे विशेष एंबुलेंस से मगध मेडिकल कॉलेज लाया गया। स्वजनों ने बताया कि वह मुंबई में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। होली में नौ मार्च को वह घर आया था। 10 मार्च को उसे सर्दी के साथ बुखार हुआ। दवा ली, लेकिन बुखार ठीक नहीं हुआ। सुबह मोहल्ले के लोगों ने ही कोरोना बुखार होने के संदेह पर अनुमंडल अस्पताल को फोन किया। फिर उसे एंबुलेंस से लाया गया। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि संदिग्ध मरीज के स्वजन को भी अस्पताल पहुंच जाच कराने को कहा गया है। सिद्धेश्वर पासवान की पत्नी व भाई जो साथ में रह रहे थे, उन्हें भी जाच के लिए ले जाया गया। हालांकि सिविल सर्जन ने शेरघाटी के युवक को भर्ती किए जाने की पुष्टि नहीं की। गुरारू से रेफर मरीज के इलाज में कोताही, पिता ने कहा-24 घंटे बाद एक्स-रे कराने को कहा संवाद सूत्र, गुरारू : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरारू से बुधवार को गनौरी टिल्हा निवासी पप्पू कुमार दास को कोरोना वायरस का संदिग्ध मानकर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज सह अस्पताल रेफर किया गया। युवक जालंधर से लौटा है। वह जुकाम व खासी से पीड़ित हो एक सप्ताह पहले घर लौटा है। अब भी वह बीमार है। स्वजन उसे गुरारू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए। जहां चिकित्सक डॉ. कुमार वरुण ने पीड़ित की केस हिस्ट्री की जानकारी लेने के बाद उसे मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। पप्पू के पिता विलास दास ने कहा, बुधवार को मेडिकल पहुंचे उनके बेटे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। जहां उसका कोई इलाज नहीं हुआ। गुरुवार को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड के लिए कहा गया। इमरजेंसी वार्ड से मरीज को हटाकर ऊपर किसी कमरे में बेड नंबर-75 पर रखा गया है। हालांकि इस मसले पर मेडिकल कॉलेज से कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। उपाधीक्षक का फोन रिसीव नहीं हुआ।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस