गया । जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से अनुशसा किए जाने के बाद जिले के 59 शिक्षकों को उप विकास आयुक्त ने निलंबित कर दिया। जिला परिषद के 41, गया नगर निगम के नौ व नगर पंचायत के नौ शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। इन सभी शिक्षकों पर मैट्रिक परीक्षा का मूल्याकन कार्य करने से इन्कार करने का आरोप है। इसे अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य हीनता माना गया है।

उप विकास आयुक्त ने इन शिक्षकों को निलंबित करने की कार्रवाई करते हुए आरोपित शिक्षकों को अलग-अलग प्रखंडों में मुख्यालय निर्धारित किया है। जिला परिषद के हाईस्कूल शिक्षक संजय कुमार, अनिल कुमार, प्रत्यूश कुमार, किरण कुमार सिंह, धर्मवीर कुमार राय, कमलेश यादव, रामचंद्र चौधरी, उमेश प्रसाद, रिंकू कुमारी, राजेश कुमार, शकुंतला कुमार, शशि बाला, पंकज कुमार, विजय रविदास, रंजीत कुमार पाठक, साकेत कुमार सिन्हा, दिनकर शर्मा, अंजू श्रीवास्तव, सुनील प्रसाद सिन्हा, विनय कुमार मौर्य, सिद्धेश्वर भगत, सुबोध कुमार, कुमार परम शिवम, श्रीकात तिवारी, रविंद्र कुमार, नीलम कुमारी, नरेश चौधरी, राम उदय सिंह, कुमारी संजू सिन्हा, चंद्रशेखर प्रसाद, संगीता बाला, राधा कुमारी, चंद्रमौली शर्मा, रमेश कुमार यादव, चंचल कुमारी, नवल कुमार, अनिल कुमार, विवेक कुमार, उषा कुमारी, रेणु कुमारी, अनिल कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद के पत्र में लिखा गया है कि माध्यमिक/उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त 2006 के अंतर्गत पत्र में अंकित सभी शिक्षकों को जिला परिषद नियोजन इकाई की आगामी बैठक की अनुमोदन के प्रत्याशा में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

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बिना शोकॉज निलंबन असंवैधानिक : शिक्षक संघ

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज कुमार निराला व शिक्षक संघ के सचिव डॉ. पीपी प्रियदर्शी ने कहा कि शिक्षकों के निलंबन की जो भी कार्रवाई की जा रही है वह नियमसम्मत नहीं है। असंवैधानिक तरीके से कार्रवाई हुई है। बिहार जिला परिषद माध्यमिक/उच्च माध्यमिक शिक्षक सेवा शर्त नियमावली की कंडिका 14 में निहित है कि पैनल निर्माण समिति ही शिक्षकों पर अनुशासनिक कार्रवाई कर सकती है। बिना जिला परिषद अध्यक्ष के नगर निगम मेयर या पंचायत अध्यक्ष की अनुशंसा के बगैर शोकॉज किए हुए निलंबित नहीं किया जा सकता है। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ मांग करती है कि जो भी निलंबन हुआ है उसकी बिना शर्त वापसी की जाए।

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विभाग को छह माह

पहले ही दी थी सूचना

मैट्रिक परीक्षा के मूल्यांकन में भाग नहीं लेने को लेकर छह माह पूर्व ही विभाग को पत्र के माध्यम से सूचना दे दी गई थी। 24 फरवरी तक शिक्षकों की मांग पर वार्ता नहीं हुई तो 25 फरवरी से हड़ताल पर जाएंगे। मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे।

Posted By: Jagran

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