गया । विश्व में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस के खात्मे के लिए गुरुवार को 15 देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने पवित्र बोधिवृक्ष की छांव में विशेष पूजा-अर्चना की। दो घटे तक चली पूजा में बौद्ध भिक्षुओं ने मानव रक्षा और कोरोना की समाप्ति हेतु सामूहिक रूप से सूत्त पाठ किया। विशेष प्रार्थना एशियाई बुद्धिष्ट काफ्रेंस फॉर पीस के बैनर तले आयोजित था। संस्था के संयुक्त सचिव सोनम वागचुक व अशोक वागडी ने कहा, कोरोना वायरस के दहशत से विश्व में खौफ का माहौल है। यह वायरस मानव जीवन के लिए खतरा बना हुआ है। इससे अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रहा है। बौद्ध भिक्षु मानवों के रक्षार्थ जो प्रयास कर रहे हैं। निश्चय ही वो सराहनीय और प्रशंसनीय है। इस प्रार्थना में सरकार के दिशा-निर्देश का अनुपालन करते हुए बौद्ध भिक्षुओं के बैठने की व्यवस्था एक-एक मीटर की दूरी पर किया गया था। भारत, जापान, मंगोलिया, कोरिया, वियतनाम, कंबोडिया, म्यामार, तिब्बत, चीन, लाओस, थाईलैंड, ताइवान, श्रीलंका, नेपाल और बाग्लादेश के बौद्ध भिक्षु शामिल हुए। बौद्ध भिक्षुओं के प्रार्थना में बड़ी शक्ति होती है। भगवान बुद्ध के काल में वैशाली गणराज्य में भी महामारी फैली थी। तब भगवान बुद्ध के शिष्यों ने वैशाली में रत्ना सूत्त का पाठ किया था और महामारी थमी थी। इसलिए बौद्ध धर्म और भगवान बुद्ध के पास हर समस्या का समाधान है।

Posted By: Jagran

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