गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बोधगया के कालचक्र मैदान पर बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि आप किसी भी धर्म को मानने वाले हों, लेकिन दूसरे धर्म का भी सम्मान करें। सभी धर्मो के प्रति समान भाव जरूरी है। यह संदेश बोधगया से निकलना चाहिए। मन में प्रेम व भाईचारे का भाव हो।

उन्होंने कहा कि बौद्ध महोत्सव का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप है भगवान बुद्ध के संदेशों को पूरी दुनिया में पहुंचाना। बौद्ध धर्म मानने वालों में भगवान बुद्ध के जन्म स्थल के साथ अन्य स्थानों को जाने की इच्छा होती है। लेकिन ज्ञान प्राप्ति और प्रथम उपदेश के स्थान पर लोग जाते हैं। बौद्ध महोत्सव सिर्फ एक सास्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, इससे पूरे विश्व को सहिष्णुता का संदेश जाना चाहिए।

नीतीश ने कहा कि महाबोधि मंदिर में जिस बोधिवृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई, उसे कई बार खंडित करने की कोशिश की गई, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। यह भूमि ही ऐसी है। आपस में प्रेम और सद्भावना का वातावरण बनाकर खुद भी आगे बढ़ सकेंगे और समाज को भी आगे बढ़ा सकेंगे।

कार्यक्रम के उद्घाटन में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, विधायक अभय कुशवाहा, राजीव नंदन दागी, विनोद प्रसाद यादव, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, मनोरमा देवी आदि ने शिरकत की। नीतीश ने कहा कि आपस में टकराव का माहौल बनता जा रहा है, इसलिए बुद्ध के विचारों पर निरंतर चर्चा जरूरी है। बोधगया के स्वरूप को और बेहतर बनाने की दिशा में 13 एकड़ भूखंड पर 145 करोड़ की लागत से महाबोधि कल्चरल सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यह 22 मार्च 2020 तक बिहार स्थापना दिवस तक बनकर तैयार हो जाएगा। जिले में कई रोप-वे बनाने की बात है। उस पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य होता है कि यहां 2013 में दुर्घटना हुई। उसके बाद हर बिंदू पर बारीकी से काम हुआ। आज महाबोधि मंदिर में प्रवेश व निकास के अलग-अलग रास्ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बौद्ध महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने का मकसद था, जिसमें बीटीएमसी सचिव एन. दोरजे का सहयोग मिला है। आज बौद्ध महोत्सव में 10 देशों के कलाकारों की सहभागिता है। 2012 के पहले बौद्ध महोत्सव का आयोजन एक साकेतिक कार्यक्रम की तरह होता था। गत वर्ष जनवरी माह में महाबोधि मंदिर में पूजा संचालन के समय इसे आयोजित करने का सुझाव दिया था। इसलिए इस बार फरवरी की बजाय जनवरी में निगमा पूजा के दौरान कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने दलाईलामा की बातों का उल्लेख किया। भगवान बुद्ध ने कहा था कि मै जो बोल रहा हूं उस पर आप चिंतन करो। अच्छा लगे तो उसे आगे बढ़ाओ। यही वैज्ञानिक सोच है।

-----------------------

205 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन

बौद्ध महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के विभिन्न प्रखंडों की 205 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन रिमोट से किया। इसमें 365.24 करोड़ की 59 योजनाओं का उद्घाटन व 146 का शिलान्यास शामिल है।

Posted By: Jagran