गया। फल्गु नदी में वीयर बांध बनाने की मांग को लेकर लोगों ने सोमवार को नगर विकास परिषद के बैनर तले धरना दिया।

लोगों ने शहर में जलसंकट की चर्चा करते हुए फल्गु के अतिक्रमण और प्रदूषण की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। इसे रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह होगी। पेयजल संकट यहां की प्रमुख समस्या है। एक बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद जलसंकट का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है, क्योंकि राशि का उपयोग कम और दुरुपयोग अधिक हो रहा है।

पेयजल की समस्या का समाधान दो प्रकार से किया जा सकता है, अस्थायी और स्थायी। अस्थायी समाधान के लिए शहर में बंद पड़े सभी चापाकल, प्याऊ तथा हाल में किए गए बड़े बो¨रग को चालू किया जाए। शहर के आसपास पहाड़ की तलहटी में जलसंचय के लिए जलाशय को विकसित किया जाए। पानी के स्थायी समाधान को लिए फल्गु नदी में वर्षा के पानी को संरक्षित रखा जाए। नदी में बीथो के पास वीयर बांध बनाकर पानी को रोका जा सकता है, जिसमें गया शहर, मानपुर एवं बोधगया में पेयजल की समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो सकती है। फल्गु में बीयर बांध के निर्माण के साथ पूर्वी और पश्चिमी तट पर पाथवे का निर्माण अति आवश्यक है। इससे अतिक्रमण पर अंकुश लग जाएगा। साथ ही देश-विदेश के पर्यटक को बोधगया आने-जाने की समस्या सुलभ हो जाएगी। फल्गु में नालों के गंदे पानी को तत्काल रोकने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि नाले के गंदे पानी को ह्यूम पाइप बिछाकर शहर से दूर ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाकर शुद्ध करने के बाद गिराया जाए। लोगों ने गंदगी, स्ट्रीट लाइट एवं यातायात की समस्या भी उठाई। नगर निगम द्वारा गंदगी से मुक्ति को लेकर बड़ी राशि खर्च की जा रही है, परंतु शहर को गंदगी से मुक्त नहीं किया जा रहा है। स्वच्छ भारत का नारा शहर की सड़कों पर यदाकदा देखने को मिल रहा है। मनसरवा नाला की समस्या के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आना पड़ा था। आज भी स्थिति यथावत बनी है। चौक-चौराहे पर लगी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है। पूर्व वार्ड पार्षद लालजी प्रसाद, मसूद मंजर, रामकुमार यादव, अर्जुन यादव, शिव बचन सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अंकुश बग्गा आदि ने धरना के बाद नगर निगम के सिटी मैनेजर को ज्ञापन सौंपा।

Posted By: Jagran