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विराट रामायण मंदिर परिसर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, देखी सहस्र शिवलिंगम स्थापना प्रक्रिया

By Sanjay K Upadhyay Edited By: Ajit kumar
Published: Sat, 17 Jan 2026 01:28 PM (IST)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर का दौरा किया। उन्होंने सहस्र शिवलिंगम की स्थापना ...और पढ़ें

HighLights

  1. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विराट रामायण मंदिर का दौरा किया।

  2. सहस्र शिवलिंगम स्थापना की पीठ पूजा का अवलोकन किया।

  3. महावीर मंदिर न्यास सचिव कुणाल यजमान के रूप में शामिल हुए।

जागरण संवाददाता, कैथवलिया (पूर्वी चंपारण)। Sahasra Shivlingam installation: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत कैथोलिया स्थित जानकी नगर में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर का दौरा किया।

मुख्यमंत्री ने यहां सहस्र शिवलिंगम की स्थापना से पूर्व की जा रही पीठ पूजा और अनुष्ठानों की प्रक्रिया को करीब से देखा और मंदिर परिसर का भ्रमण किया। मंदिर दर्शन एवं निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

CM Nitish visit to ramayan mandir

पीठ पूजा में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब

विराट रामायण मंदिर परिसर में सहस्रलिंगम की पीठ पूजा को लेकर शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने घरों से पैदल राम जानकी पथ होते हुए मंदिर परिसर की ओर पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।चारों ओर शिव मंत्रों का जाप गूंज रहा है, वहीं महिलाएं महादेव के मंगलगीत गा रही हैं। कुछ ही घंटों में काशी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वान आचार्यों द्वारा सहस्र शिवलिंगम की पीठ पूजा की विधिवत शुरुआत की जाएगी।

Sahastra lingam Bihar

महावीर मंदिर न्यास के सचिव बने यजमान

इस अवसर पर महावीर मंदिर न्यास, पटना के सचिव सायण कुणाल अपनी धर्मपत्नी, समस्तीपुर की सांसद सांभवी चौधरी के साथ यज्ञ अनुष्ठान में यजमान के रूप में शामिल हुए।

World Biggest Shivling 105

3102 स्तंभों पर खड़ा हो रहा विराट मंदिर

उल्लेखनीय है कि 20 जून 2023 को विराट रामायण मंदिर निर्माण के लिए धार्मिक न्यास परिषद, पटना के तत्कालीन अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व में शिलापूजन किया गया था। इसके बाद लगातार डेढ़ वर्षों तक प्रतिदिन लगभग 250 मजदूरों ने कार्य कर जमीन के अंदर करीब 100 फीट गहराई तक कुल 3102 स्तंभ खड़े किए।

World Biggest Shivling 104

नींव कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर परिसर में विशाल आधारपीठ का निर्माण किया गया है, जिस पर तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित 33 फीट ऊंचा और 33 फीट चौड़ा भव्य सहस्र शिवलिंगम स्थापित किया जाएगा।