मोतिहारी। खसरा-रूबैला बीमारी से बचाव के लिए मंगलवार से जिले में टीकाकरण अभियान की शुरूआत की जाएगी। पीपराकोठी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चों को टीकाकरण करने के साथ यह अभियान जिले में प्रारंभ हो जाएगा। जिलाधिकारी रमण कुमार ने इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस बीमारी का अभी तक मेडिकल साइंस में काई इलाज नहीं है। इसका एकमात्र उपाय टीकाकरण है। 9 माह से 15 साल के बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा। जिले में 20 लाख 61 हजार 619 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसे दो से ढाई माह में पूरा किया जाएगा। कहा कि इसकी तैयारी पूर्व से स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य कई विभाग मिलकर कर रहे हैं। अब इस अभियान को पूरे जिले में सभी कर्मी एक साथ मिलकर चलाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने में शिक्षा विभाग की भूमिका अहम होगी। स्कूल से पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को टीकाकरण कराने में सेविका व सहायिका कार्य करेंगी। इस अभियान में जिले के 418 एएनएम के अलावा आशा, सेविका, सरकारी शिक्षक का सहयोग लिया जाएगा। डीएम ने कहा कि एमआर टीका एक बहुत ही सुरक्षित टीका है। पिछले 40 वर्षों से भारत के अलावा विश्व के अन्य देशों में करोड़ों बच्चों की सुरक्षा के लिए इस टीका का उपयोग किया जा रहा है। बीमारी के बारे में बताते हुए कहा कि यह जानलेवा बीमारी है, जो वायरस से फैलता है। खसरा रोग के कारण बच्चों में दिव्यांगता या उनकी असमय मृत्यु हो सकती है। इससे गर्भवती महिलाओं पर भी असर पड़ता है। कहा गया कि सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मदरसों के अलावा बाहर के बच्चों को भी टीकाकरण के लिए विभाग ने अलग से व्यवस्था कर रखी है। इसके लिए 35 मोबाइल टीम पूरे अभियान के दौरान सक्रिय रहेगी। घुमंतु आबादी एवं ईंट-भट्ठे आदि के लिए भी यह टीम कार्य करेगी। सभी धर्म के लोगों व सामाजिक संगठनों को आग्रह किया गया है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में हर स्तर पर सहयोग करें। डीएम ने सेविकाओं की हड़ताल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है यह सामाजिक अभियान है। इस अभियान से खुद को अलग करने वाले सामाजिक नहीं हो सकते। क्या सेविका के बच्चे को टीका नहीं पड़ेगा? उन्होंने डीपीओ से कहा कि वे इस अभियान को गंभीरता से ले और सभी सेविकाओं को इस कार्य में लगाएं। मौके पर सीएम बीके ¨सह, डॉ. रविशंकर समेत कई लोग मौजूद थे। जागरूकता को लेकर निकाली रैली खसरा व रूबैला को लेकर स्कूली बच्चों ने रैली निकाली। सदर अस्पताल परिसर में डीडीसी अखिलेश कुमार ¨सह ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर सीएस बीके ¨सह, डीआईओ डॉ. रविशंकर के अलावा अस्पताल के अन्य चिकित्सक व कर्मियों के अलावा स्कूल के शिक्षक मौजूद थे। कहा गया कि इस प्रकार की रैली लोगों को इस अभियान को सफल बनाने में काफी मददगार साबित होगी। बीमारी से बचाव के लिए इस अभियान के साथ हर वर्ग के लोगों को जुडने की अपील डीडीसी ने की।कहा कि वैसे अभी जिलेवासी जिनके बच्चे 9 माह से 15 साल तक के हैं उन्हें टीका अवश्य लगाएं। यह उनके लिए वर्तमान समय में सबसे जरूरी है।

Posted By: Jagran