मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के कई गांवों को शिवहर एवं सीतामढ़ी से जोड़ने वाली सड़क चार दशक बाद भी नहीं बन पाई है। सड़क के दो किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है कि इस पर चलना मुश्किल है। बावजूद इसके जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की नजर इस पर नहीं जा रही है। ग्रामीण बताते हैं कि इस सड़क का वास्ता चिरैया व मधुबन दोनों विधान सभा से है। नतीजतन यहां के प्रतिनिधि प्रयास तो करते हैं। लेकिन, काम नहीं हो पाता है। इन दोनों विधान सभा के गावों के अलावा चंपारण की एक बड़ी आबादी इस सड़क के माध्यम से कम से समय में शिवहर एवं सीतामढ़ी जिले से जुड़ जाती है। लेकिन, शेखपुरवा बाजार से बोकाने पट्टी चौक तक सड़क पूरे तौर पर जर्जर हो चुकी है। करीब 38 साल के बाद भी सड़क का पक्कीकरण नहीं होने से सड़क में बने गड्ढे दुर्घटना के वाहक बने हैं। सड़क के कुछ हिस्सों का निर्माण हो चुका है। कुछ हिस्सा बाकी है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जबतक अधिकारी व नेता नहीं सक्रिय होंगे सड़क नहीं बन सकेगी। 40 साल में कई प्रतिनिधि बदल गए लेकिन सड़क की हालत नहीं बदली। बोले ग्रामीण : 1980 के बाद नहीं बनी सड़क ग्रामीण विनय कुमार श्रीवास्तव, महेश ¨सह, मदन ¨सह, निर्भय कुमार ¨सह, चुम्मन महतो, सकलदेव महतो, महेश पंडित, सुरेश दुबे, नंदकिशोर ¨सह, रामनारायण ¨सह, सुनील ¨सह, आलोक कुमार, कृष्णनंदन ¨सह आदि बताते हैं कि अब से चार दशक पहले 1980 में ढाका के तत्कालीन विधायक की पहल पर शेखपुरवा पट्टी चौक सड़क का पक्कीकरण कराया गया था। उसके बाद से सड़क पर किसी का ध्यान नहीं गया। यह सड़क शेखपुरवा बाजार से पट्टी चौक, मड़पा चौक, फेनहारा होते हुए शिवहर एवं सीतामढ़ी जिला को जोड़ने यहां के लोगों के लिए मुख्य सड़क है। यदि समय रहते सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो चैता- पताही मुख्य सड़क को जाम कर आंदोलन होगा।

Posted By: Jagran