मोतिहारी । बंजरिया प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। बाढ़ के समय नाव की सवारी भले ही खतरनाक, पर आसान थी। लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर नाव से आसानी से चले जाते थे। किंतु, अब बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की दयनीय हालत के कारण आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। सडकें टूटी हुई हैं। टूटी हुई सड़कें राहगीरों को चुनौती दे रही है। क्षेत्र के कई स्थानों पर बाइक पार कराने के लिए तीन-तीन, चार-चार लोगों की मदद की जरूरत है, क्योंकि सडकें गड्ढे में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर आवागमन करना आसान नहीं है। बाढ़ के समय मवेशियों के चारे की व्यवस्था नाव के सहारे सुदूर स्थानों से होती थी जो अब कठिन हो गई है। क्षेत्र में चारों तरफ चारे की घास सड़ चुकी है वही ऊंचे स्थानों की घास अब समाप्त हो चुकी है। मवेशियों के लिए चारे की किल्लत अब सभी मवेशी पालकों को परेशान करने लगी है। क्षेत्र में बाढ़ के पानी के उतरने के साथ जरूरत है क्षेत्र की सड़कों को शीघ्र मोटरेबल बनाया जाए। वही क्षेत्र के गांवों व गड्ढों में शीघ्र ब्लीचिग पाउडर का छिड़काव किए जाने तथा मेडिकल टीम भेजकर बीमार लोगों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता है। प्रमुख ललन कुमार व मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष कुमार मनोज सिंह ने क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों को शीघ्र मोटरेबल करने की मांग की है ताकि आम लोगों की जिदगी पटरी पर लौट सके।

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