साहेबगंज-अरेराज-बेतिया फोरलेन की जमीन तैयार, 506 फाइलों के पेंच से अटकी परियोजना
NH 139W Land Acquisition: साहेबगंज से अरेराज होते हुए बेतिया तक बनने वाले 3,822 करोड़ रुपये के फोरलेन निर्माण में ...और पढ़ें

परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भू-अर्जन के साथ-साथ अन्य विभागों से एनओसी लेना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
HighLights
3,822 करोड़ रुपये का साहेबगंज-अरेराज-बेतिया फोरलेन।
506 फाइलों में त्रुटियों के कारण परियोजना अटकी।
जिलाधिकारी ने फाइलों की खामियां सुधारने के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Sahebganj Areraj Bettiah Fourlane: साहेबगंज से अरेराज होते हुए बेतिया तक बनने वाले 3,822 करोड़ रुपये की लागत के फोरलेन निर्माण के लिए जमीन का बड़ा हिस्सा तैयार हो गया है, लेकिन प्रशासनिक फाइलों के पेंच के कारण राह अटक गई है।
78.942 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 49.02 किलोमीटर हिस्से का दखल-कब्जा निर्माण विभाग को सौंपा जा चुका है।
परियोजना के लिए 697 रैयतों को 77.41 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जा चुका है।
506 फाइलों में खामी
जिला भू-अर्जन कार्यालय में पहुँचे 1,238 अभिलेखों की जांच के दौरान 506 फाइलों में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। यानी लगभग 40 प्रतिशत फाइलें किसी न किसी कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है और निर्देश दिया है कि अब फाइलों को वापस अंचल कार्यालय भेजने के बजाय अंचलाधिकारियों को भू-अर्जन कार्यालय बुलाकर मौके पर ही त्रुटियां सुधारी जाएं।
दो वर्ष का टारगेट
78.942 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन का निर्माण दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को दो भागों साहेबगंज से अरेराज (38.36 किमी) और अरेराज से बेतिया (40.58 किमी) में बांटा गया है।
निर्माण कार्य के संचालन के लिए तीन कैंप बनाए जा रहे हैं। सड़क पर एक मुख्य पुल और 22 छोटे पुलों का निर्माण होगा, जिसमें तिरहुत नहर पर 250 मीटर लंबा मेजर ब्रिज भी शामिल है।
5500 रैयत प्रभावित
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया, संग्रामपुर, अरेराज, हरसिद्धि और पहाड़पुर अंचल के कुल 45 राजस्व गाँव इस फोरलेन के दायरे में आ रहे हैं।
इस परियोजना से 2,778 खेसरा और लगभग 5,500 रैयत सीधे तौर पर प्रभावित हैं। अब तक 36 मौजा की 49.02 किलोमीटर लंबी जमीन का दखल-कब्जा अधियाची विभाग को मिल चुका है।
विभागीय एनओसी जरूरी
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भू-अर्जन के साथ-साथ अन्य विभागों से एनओसी लेना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जिलाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सिंचाई, बिजली और पीएचईडी से जुड़े मामलों को भी आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता पर सुलझाने को कहा गया है।
फोरलेन परियोजना की स्थिति
- कुल लंबाई व लागत: 78.942 किमी (लागत: ₹3,822 करोड़)
- दो चरण: साहेबगंज-अरेराज (38.36 किमी), अरेराज-बेतिया (40.58 किमी)
- प्रशासनिक स्थिति: 45 प्रभावित गाँव, 5,500 प्रभावित रैयत
- अभिलेख व मुआवजा: प्राप्त 1,238 अभिलेख, 506 त्रुटिपूर्ण, 697 रैयतों को ₹77.41 करोड़ का भुगतान
- जमीन का हस्तांतरण: 36 मौजा (49.02 किमी) में दखल-कब्जा पूरा
- संरचनाएं: 1 मेजर ब्रिज (तिरहुत नहर पर 250 मीटर) और 22 माइनर ब्रिज
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