बिहार में साहेबगंज से अरेराज होते बेतिया तक बदलेगी सड़क की तस्वीर, 78.94 किमी लंबा फोरलेन बनेगा
Bihar Highway Project : मोतिहारी में साहेबगंज से अरेराज होते हुए बेतिया तक बनने वाले 78.942 किलोमीटर लंबे एनएच 139 डब्ल्यू फोरलेन सड़क परियोजना पर काम तेज हो गया है।

पूर्वी चंपारण में बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी। सौजन्य- जिला प्रशासन
HighLights
साहेबगंज-अरेराज-बेतिया फोरलेन के लिए 5500 रैयतों की जमीन का हो रहा अधिग्रहण
3822 करोड़ की लागत, परियोजना दो वर्षों में पूरी होगी।
भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Road Connectivity in Bihar : साहेबगंज से अरेराज होते हुए बेतिया तक बनने वाले एनएच 139 डब्ल्यू फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।
78.942 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क के निर्माण पर 3822 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शुक्रवार को समाहरणालय स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान और निर्माण से जुड़ी अन्य अड़चनों की समीक्षा की गई।
परियोजना के तहत साहेबगंज से अरेराज तक 38.36 किलोमीटर और अरेराज से बेतिया तक 40.58 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा।
निर्माण के लिए चयनित एजेंसी के साथ सात अप्रैल 2026 को एग्रीमेंट हो चुका है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट अभियंता ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए तीन कैंप बनाए जा रहे हैं। इनमें दो पूर्वी चंपारण और एक पश्चिमी चंपारण में होगा।
तिरहुत नहर पर बनेगा 250 मीटर का पुल
फोरलेन में एक मेजर और 22 माइनर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। तिरहुत नहर को पार करने के लिए 250 मीटर लंबा मेजर ब्रिज प्रस्तावित है। बैठक में निर्माण कार्य शुरू कराने से पहले विभिन्न विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने और अन्य प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को आवश्यक एनओसी जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
45 राजस्व गांवों की जमीन हो रही अधिग्रहित
एनएच 139डब्ल्यु का पूर्वी चंपारण में हिस्सा केसरिया, संग्रामपुर, हरसिद्धि, अरेराज और पहाड़पुर अंचल से होकर गुजरेगा। इन पांच अंचलों के 45 राजस्व गांव परियोजना में शामिल हैं।
इनमें केसरिया के 18, संग्रामपुर के 10, अरेराज के चार, हरसिद्धि के छह और पहाड़पुर के सात गांव हैं। परियोजना के लिए 2778 खेसरा के करीब 5500 रैयत प्रभावित होंगे।
697 रैयतों को मिल चुका मुआवजा
जिलाधिकारी ने भू-अर्जन प्रक्रिया और रैयतों को किए जा रहे भुगतान की भी समीक्षा की। अब तक 697 रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है।
वहीं संबंधित अंचलों से 1238 अभिलेख जिला भू-अर्जन कार्यालय को प्राप्त हो चुके हैं। रैयतों को अब तक 77.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। परियोजना के तहत 36 मौजा का दखल-कब्जा अधियाची विभाग को सौंप दिया गया है, जो कुल 49.02 किलोमीटर क्षेत्र में है।
506 अभिलेख त्रुटिपूर्ण मिलने पर डीएम नाराज
समीक्षा के दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय को प्राप्त 506 अभिलेखों में त्रुटि पाए जाने की बात सामने आई। इन्हें सुधार के लिए संबंधित अंचल कार्यालयों को वापस भेजा गया था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में बदलाव का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण अभिलेखों को बार-बार वापस भेजने के बजाय संबंधित अंचलाधिकारी को जिला भू-अर्जन कार्यालय बुलाकर वहीं त्रुटि का निराकरण कराया जाए।
डीएम ने कहा कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है और इसकी समीक्षा बिहार सरकार तथा भारत सरकार के शीर्ष स्तर पर की जा रही है।
इसलिए भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान से जुड़े कार्यों में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरतने व अंचलाधिकारियों को रैयतों का भुगतान शीघ्र कराने का निर्देश दिया।
