मोतिहारी। गर्मी के कहर के बीच एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिड्रोम) का प्रकोप जिले में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मरने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इस बीच जिलाधिकारी रमण कुमार ने रविवार को सदर अस्पताल में बीमारी की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर बैठक की। उन्होंने व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पूछा कि अब तक सभी पीएचसी में कंट्रोल रूम क्यों नहीं बना? इसे फौरन सक्रिय करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी करिए। इस बीच उन्होंने सीएस से पूछा - अधीक्षक एवं उपाधीक्षक क्यों अनुपस्थित हैं। सबकी छुट्टी कैंसिल है। फिर ये क्यों गए। जिले में ऐसी संवेदनशील स्थित है और अस्पताल के अधीक्षक-उपाधीक्षक गायब। ऐसा नहीं चलेगा। इन दोनों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराइए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सामने यह चुनौती है। इसे ईमानदारी से पूरा करना होगा। चेन बनाकर काम करना होगा। निर्देश दिया कि आशा के माध्यम से घर-घर जाकर बुखार वाले मरीजों की पड़ताल करवाएं। ऐसी सूचना मिलते ही एंबुलेंस से मरीज को अस्पताल बुलाकर उचित उपचार किया जाए। तत्परता के साथ इस कार्य को करने की आवश्यकता है। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. बीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शकुंतला सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. रविशंकर, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, डीपीएम अमित अचल, एमएनईओ विनय कुमार सिंह, प्रबंधक भारत भूषण आदि उपस्थित थे। एईएस के मरीजों की संख्या हुई 40 जिले में एईएस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं मरने वालों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। सिविल सर्जन डॉ. बीके सिंह ने बताया कि अब तक जिले में कुल 40 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, मरने वालों की संख्या 10 हो चुकी है। प्रखंडवार जो स्थित सामने आई है उसके मुताबिक पकड़ीदयाल में 02, चकिया में 05, मधुबन में 02 एवं तेतरिया में 01 मरीज की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, चिन्हित किए गए मरीजों में मधुबन में 07, मेहसी में 07, पकड़ीदयाल में 02, चकिया में 14, तेतरिया में 07, संगामपुर में 01 एवं कल्याणपुर में 02 मरीज शामिल हैं। सदर अस्पताल में बना नियंत्रण कक्ष जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर अस्पताल में एईएस को लेकर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। कंट्रोल रूम में अलग-अलग पाली में ड्यूटी के लिए सिविल सर्जन द्वारा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। यह कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इस कक्ष से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 8544421335 जारी कर दिया गया है। इस बीमारी से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए इस नंबर का प्रयोग किया जा सकता है। डीएम ने सभी पीएचसी में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने का निर्देश दिया है। साथ पीएचसी प्रभारी, प्रबंधक एवं बीसीएम का मोबाइल नंबर सभी आशा, सेविका एवं स्वास्थ्य कर्मियों का उपलब्ध कराने को कहा है। यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी पीएचसी प्रतिदिन शाम को जिला स्वास्थ्य समिति को अद्यतन स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन प्रेषित करें। -

Posted By: Jagran

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