विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Bihar News: साइबर ठगी मामले में पाकिस्तान कनेक्शन की हो रही जांच, रक्सौल से दो लोगों को ले गई टीम

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:19 PM (IST)

रक्सौल में ऑनलाइन गेमिंग और व्हाट्सएप के जरिए साइबर ठगी का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। बिहार एसटीएफ ने ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

संवाद सहयोगी, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान हुई दोस्ती, व्हाट्सएप पर बातचीत और फिर 10 हजार रुपये का लालच। साइबर ठगी से जुड़े एक संदिग्ध मामले की जांच में इसी तरह का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

बिहार एसटीएफ और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने रक्सौल शहर के कई इलाकों में छापेमारी कर करीब छह युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के बाद नागा रोड निवासी दो युवकों को टीम अपने साथ ले गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि और आरोपितों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

कई इलाकों में एक साथ छापेमारी

साइबर ठगी के मामले में जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने नागा रोड, मौजे, नोनयाडीह सहित रक्सौल के कई इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान करीब छह युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच के बाद नागा रोड निवासी राजा कुमार और आदित्य कुमार पांडेय को टीम अपने साथ ले गई।

व्हाट्सएप अकाउंट के बदले रुपये का लालच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नागा रोड निवासी सुरेंद्र साह के पुत्र राजा कुमार ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान व्हाट्सएप के माध्यम से उसकी दोस्ती एक पाकिस्तानी लड़की से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोप है कि लड़की ने अपना व्हाट्सएप अकाउंट लॉगिन कराने के बदले युवक को 10 हजार रुपये देने का प्रलोभन दिया। इसके बाद युवक ने उसे ओटीपी उपलब्ध करा दिया।

दोस्तों के ओटीपी भी साझा करने का आरोप

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि राजा कुमार ने अपने कुछ दोस्तों को पैसे का लालच देकर उनके व्हाट्सएप खातों से संबंधित ओटीपी भी साझा किए।

इस मामले में नागा रोड निवासी बलिराम पांडेय के पुत्र आदित्य कुमार पांडेय का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया और इनके जरिए किसी तरह की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया या नहीं।

इंटेलिजेंस इनपुट पर हुई कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से फोन कर साइबर ठगी किए जाने से संबंधित इनपुट इंटेलिजेंस इकाई को मिला था। इसके बाद बिहार एसटीएफ और जिला आसूचना इकाई की मदद से रक्सौल में छापेमारी की गई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि व्हाट्सएप खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों में किया जा रहा था।

पाकिस्तान से संपर्क की जांच

जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, व्हाट्सएप खातों के इस्तेमाल और ठगी की रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं। पाकिस्तान से जुड़े कथित संपर्कों और संबंधित युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल मामले में जांच जारी है। जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपितों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।