मोतिहारी। डुमरियाघाट पुल बचाओं संघर्ष समिति ने सोमवार को राजमार्ग-28 व गंडक तट स्थित प्रसिद्ध नर¨सह बाबा मंदिर परिसर में बैठक कर पुल के अस्तित्व को बचाने के लिए आंदोलन का शंखनाद किया। भाजपा नेता सह समिति के संयोजक मनोज पासवान ने बैठक को संबोधित कर सदस्यों व ग्रामीणों से पुल निर्माण के लिए विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा की 70 के दशक में बने पुराने 900 मीटर लंबे इस पुल की हालत जर्जर है जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। इस पुल से होकर गुजरना मौत के मुंह में जाने के समान है। कलेजे पर हाथ रख वाहन और लोग इस पुल को पार करते है। जब ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का निर्माण होने लगा तब आशा जगी थी की नए पुल के निर्माण के साथ पुराने पुल का भी जीर्णोद्धार हो जाएगा। सड़क निर्माण कंपनी पीसीएल द्वारा पुराने पुल के समानांतर पश्चिम दिशा में एक नए पुल का निर्माण शुरू किया गया। मगर घटिया गुणवत्ता के कारण निर्माणधीन पुल अ‌र्द्ध भाग में ही क्षतिग्रस्त हो गया। निर्माणाधीन पुल के बारह वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल बनकर तैयार नही हो सका। पांच वर्ष पूर्व सड़क निर्माण कंपनी भी यहां पुल व सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ भाग गई।

श्री पासवान ने कहा की पुराने पुल के अस्तित्व को बचाने व नए पुल के निर्माण तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस पुल के लिए हमें जो भी कर गुजरना होगा हम करेंगे। सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी सूरत में यूपी-बिहार की लाइफ लाइन मानी जाने वाली इस पुल का निर्माण होकर रहेगा। बैठक में अगले कार्यो को लेकर रूप रेखा तैयार की गई। वही समिति के सदस्यों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए। समिति से शत्रुधन कुमार दास को अध्यक्ष, धीरेंद्र ¨सह को महासचिव, दिलीप श्रीवास्तव को कोषाध्यक्ष, राघव प्रसाद ¨सह अधिवक्ता को कानूनी सलाहकार मनोनीत किया गया। मौके पर सदस्य पप्पू ठाकुर, कनीश्वर कुमार केसरी, ओम प्रकाश ¨सह, वीरेंद्र पूरी, मंटू पासवान, रामसकल प्रसाद यादव, अशोक गुप्ता, भागेश्वर प्रसाद, अर¨वद मिश्रा, छोटन ¨सह, पप्पू मियां, अभय श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद थे।

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